'चीरा लगाओ, पेट से बच्चा निकालो'... Mobile पर ऑपरेशन सिखाती रही लेडी Doctor, इधर तड़पकर दम तोड़ गए जच्चा-बच्चा

Edited By Anil Kapoor,Updated: 03 Apr, 2026 02:05 PM

hospital in ayodhya shows gross negligence mother newborn die during delivery

Ayodhya News: उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक निजी अस्पताल की कथित लापरवाही ने एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया। कोतवाली नगर क्षेत्र के बल्ला हाता स्थित मां परमेश्वरी देवी मेमोरियल हॉस्पिटल में इलाज...

Ayodhya News: उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक निजी अस्पताल की कथित लापरवाही ने एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया। कोतवाली नगर क्षेत्र के बल्ला हाता स्थित मां परमेश्वरी देवी मेमोरियल हॉस्पिटल में इलाज के अभाव में एक महिला और उसके नवजात बच्चे की जान चली गई। प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल को सील कर दिया है।

क्या है पूरा मामला?
बेनीगंज निवासी सुरेश यादव ने अपनी 32 वर्षीय पत्नी सोनी यादव को प्रसव (डिलीवरी) के लिए इस अस्पताल में भर्ती कराया था। सुरेश का आरोप है कि डॉक्टर अंजलि श्रीवास्तव ने फोन पर सब कुछ सामान्य होने का भरोसा दिया था, लेकिन जब प्रसव का समय आया तो अस्पताल में कोई भी डॉक्टर मौजूद नहीं था।

स्टाफ के भरोसे छोड़ी गई मरीज की जान
परिजनों का कहना है कि डिलीवरी के समय पूरा अस्पताल स्टाफ के भरोसे था। डॉक्टर केवल फोन पर निर्देश दे रहे थे और मौके पर कोई विशेषज्ञ मौजूद नहीं था।  रात करीब 12 बजे स्टाफ ने बच्चे को बाहर लाकर बताया कि वह सांस नहीं ले रहा है। परिजन उसे लेकर दूसरे डॉक्टर के पास भागे, जहां बच्चे को मृत घोषित कर दिया गया। कुछ ही देर बाद अस्पताल ने सोनी यादव की हालत भी गंभीर बता दी। उन्हें दूसरे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उन्हें भी मृत घोषित कर दिया।

प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: अस्पताल में मिला सन्नाटा
घटना के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। मामले की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया। एसीएमओ (ACMO) डॉ. आशुतोष श्रीवास्तव के नेतृत्व में जब टीम ने अस्पताल पर छापेमारी की, तो वहां की स्थिति चौंकाने वाली थी कि निरीक्षण के दौरान अस्पताल में एक भी डॉक्टर मौजूद नहीं मिला। वहां तैनात स्टाफ भी प्रशिक्षित नहीं था। लापरवाही को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल प्रभाव से अस्पताल को सील कर दिया है। वहां पहले से भर्ती अन्य मरीजों को सुरक्षित रूप से जिला महिला अस्पताल में शिफ्ट कराया गया है।

पुलिस की जांच शुरू
अयोध्या पुलिस ने इस मामले में जांच के आदेश दे दिए हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी डॉक्टर और स्टाफ से पूछताछ की जाएगी। दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसी त्रासदी न झेलनी पड़े।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!