जो कोई भी उधर गया, उसका बुरा हाल हुआ- भाजपा के सहयोगी दलों पर सपा सांसद धर्मेंद्र यादव का तंज

Edited By Ramkesh,Updated: 01 Apr, 2026 05:30 PM

whoever went there was in trouble  sp mp dharmendra yadav s taunt on bjp allies

समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद धर्मेंद्र यादव ने बुधवार को लोकसभा में तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) के सदस्यों को आगाह करते हुए कहा कि जो कोई भी भाजपा के साथ गया है, उसका बुरा हाल हुआ है। सपा सांसद ने आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2026 पर...

लखनऊ: समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद धर्मेंद्र यादव ने बुधवार को लोकसभा में तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) के सदस्यों को आगाह करते हुए कहा कि जो कोई भी भाजपा के साथ गया है, उसका बुरा हाल हुआ है। सपा सांसद ने आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2026 पर चर्चा में भाग लेते हुए, जद(यू) नेता नीतीश कुमार के बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर राज्यसभा जाने का जिक्र करते हुए यह बात कही।

 बिहार को विशेष राज्य का दर्जा नहीं मिला
यादव ने तेदेपा सदस्यों को ''साइकिल वालो'' कहकर संबोधित किया और कहा, ''आंध्र के साथियो, जैसा बिहार के मुख्यमंत्री के साथ हुआ है...उधर जो कोई भी गया है, उसका बुरा हाल हुआ है। आंध्र के लोगो आप सतर्क रहना।'' सपा और तेदेपा, दोनों का चुनाव चिह्न साइकिल है। तेदेपा, केंद्र में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की एक प्रमुख सहयोगी पार्टी है। यादव ने कहा, ''केंद्र के मंत्रियों से कहना चाहूंगा कि केवल बैसाखी (समर्थन) लेकर विशेष राज्य का दर्जा देने का भाषण मत दीजिए, आपने बिहार के लोगों के साथ भी यही किया। आज तक बिहार को विशेष राज्य का दर्जा नहीं मिला।

सपा ने अमरावती को आंध्र प्रदेश की स्थायी राजधानी बनाए जाने का समर्थन किया 
उन्होंने सत्तापक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि नीतीश कुमार को झांसे में लेकर जो बिहार के साथ किया वह आंध्र के साथ नहीं हो। सपा सांसद ने शिवसेना के लोकसभा सदस्य श्रीकांत शिंदे का भी जिक्र किया, जिनके पिता एकनाथ शिंदे कुछ साल पहले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री थे और अब राज्य के उपमुख्यमंत्री हैं। यादव ने अमरावती को आंध्र प्रदेश की स्थायी राजधानी के रूप में मान्यता देने वाले विधेयक का समर्थन करते हुए कहा, ''जिस रूप में भी यह विधेयक आया है उसका पार्टी (सपा) की ओर से समर्थन करता हूं, लेकिन कुछ सवाल हैं।

यूपी जैसा हाल न हो जाए आंध्र प्रदेश का 
उन्होंने कहा, ''विशाखापत्तनम (आंध्र प्रदेश की) स्वाभाविक राजधानी के रूप में विकसित हो रहा था। यदि उसे स्वीकार किया गया होता तो आज जो इतनी जमीन, खर्च और निवेश की जरूरत पड़ी है, नहीं पड़ती। किसानों की इतनी जमीन नहीं लेनी पड़ती और न इतना खर्च करना पड़ता। हालांकि, देर से ही सही, एक स्थायी राजधानी की जो पहल की गई है, उसका पार्टी (सपा) की ओर से मैं पूरा समर्थन करता हूं। '' उन्होंने भाजपा के सी. एम. रमेश के वक्तव्य का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र में पांच लाख करोड़ रुपये का निवेश आने की बात कही है, लेकिन कहीं उत्तर प्रदेश जैसा हाल न हो जाए।

अयोध्या के किसानों को नहीं मिला मुआवाजा 
सपा सांसद ने कहा, ''उत्तर प्रदेश में 15 लाख करोड़ रुपये के एमओयू (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर किये गए, लेकिन 15 सौ करोड़ रुपये भी कहीं निवेश नहीं हुए। जो कंपनी 2025 में बनी, जिस कंपनी का नेटवर्थ केवल 50 लाख रुपये है, उसके साथ उप्र सरकार ने 25,000 करोड़ रुपये के एमओयू पर हस्ताक्षर किया है।'' उन्होंने अयोध्या के किसानों को जायज मुआवाजा नहीं मिलने का दावा किया और आंध्र प्रदेश की सत्तारूढ़ पार्टी के सांसदों से आग्रह किया, ''जो उत्तर प्रदेश के किसानों के साथ हो रहा है...भाजपा की संगत में जाकर आंध्र में किसानों के साथ आप तेदेपा वालो मत करना।

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