यूपीः एक्सप्रेस वे का संगम बनेगा इटावा, रोजगार के खुलेंगे नए रास्ते

Edited By Ajay kumar, Updated: 02 Aug, 2022 06:44 PM

up etawah will become the confluence of expressway

महाभारत कालीन सभ्यता से जुड़ा उत्तर प्रदेश का इटावा जिला एक्सप्रेस वे हब बनता नजर आने लगा है। आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के बाद अब चंबल एक्सप्रेस वे भी इटावा से निकलेगा। तीन एक्सप्रेस वे के जुड़ाव वाला यह प्रदेश का पहला जिला माना...

इटावा: महाभारत कालीन सभ्यता से जुड़ा उत्तर प्रदेश का इटावा जिला एक्सप्रेस वे हब बनता नजर आने लगा है। आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के बाद अब चंबल एक्सप्रेस वे भी इटावा से निकलेगा। तीन एक्सप्रेस वे के जुड़ाव वाला यह प्रदेश का पहला जिला माना जा रहा है।  एक जमाने में कुख्यात दस्यु गिरोहों की शरणस्थली के तौर पर कुख्यात इटावा के लोगों को अब एक्सप्रेस वे के जरिये विकास और रोजगार के नये रास्ते खुलने की उम्मीद जगी है। लोगों को कहना है कि तीनों एक्सप्रेस वे के जरिए इटावा में विकास की नई राह तो शुरू होगी ही साथ ही रोजगार के नए नए रास्ते भी खुलेंगे ।

चंबल एक्सप्रेस वे के साल आखिरी में शुरू हो जाने की उम्मीद 
पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री और स्थानीय भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद प्रो. रामशंकर कठेरिया ने कहा कि इटावा में भरथना के पास नगरिया सरावा गांव में बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे से चंबल एक्सप्रेस वे का जुड़ाव होगा। इसके निर्माण पर करीब 8800 करोड़ खर्च आने का अनुमान है। चंबल एक्सप्रेस वे के इस साल आखिरी में शुरू हो जाने की उम्मीद जताई जा रही है।

चंबल एक्सप्रेस वे फोरलेन का होगा निर्माण 
राजस्थान के कोटा से निकल कर यूपी के इटावा तक करीब 400 किलोमीटर दूरी तय करने वाला चंबल एक्सप्रेस वेफोरलेन का निर्मित होगा । इसी साल नवंबर माह से चंबल एक्सप्रेसवे का निर्माण शुरू हो जायेगा। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से कठेरिया ने इस एक्सप्रेस-वे को जल्द से जल्द चालू करवाने के लिए मुलाकात भी की है। चंबल एक्सप्रेस-वे मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान राज्यों में प्रस्तावित छह लेन का एक्सप्रेस-वे है ।

एक्सप्रेस-वे की कुल लंबाई 417 किमी
एक्सप्रेस-वे राजस्थान में कोटा को उत्तर प्रदेश में श्योपुर और मुरैना जिलों के माध्यम से इटावा से जोड़ेगा । 417 किमी लंबा प्रस्तावित एक्सप्रेस-वे मध्य प्रदेश के माध्यम से कानपुर से कोटा तक एक वैकल्पिक मार्ग प्रदान करता है और फिर दिल्ली मुंबई कारिडोर में शामिल होता है। प्रस्तावित चंबल एक्सप्रेस-वे की कुल लंबाई 417 किमी है। अधिकृत सूत्रों नेे बताया कि चंबल एक्सप्रेस-वे की प्रस्तावित परियोजना क्रास-कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। स्वर्णिम चतुर्भुज का दिल्ली-कोलकाता कॉरिडोर के साथ उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर के साथ पूर्व-पश्चिम गलियारा के साथ और दिल्ली-मुंबई-एक्सप्रेस-वे के साथ यह मध्य प्रदेश के माध्यम से कानपुर से कोटा तक एक वैकल्पिक मार्ग भी प्रदान करेगा ।

 

 

 

 

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