भाई की तलाश में पहुंची पुलिस अधिवक्ता को ही उठा ले गई, रातभर थाने में मारपीट के आरोप; 2 SI समेत 4 पुलिसकर्मी सस्पेंड

Edited By Purnima Singh,Updated: 16 Mar, 2026 01:43 PM

the police arrived in search of the brother and took away the advocate

ग्रेटर नोएडा वेस्ट के बिसरख थाना क्षेत्र में पुलिस और अधिवक्ताओं के बीच विवाद का मामला सामने आया है। एक अधिवक्ता और उनके परिवार के साथ कथित मारपीट और अभद्रता के आरोपों के बाद अधिवक्ताओं ने थाने पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। मामले की गंभीरता को देखते...

Greater Noida News: ग्रेटर नोएडा वेस्ट के बिसरख थाना क्षेत्र में पुलिस और अधिवक्ताओं के बीच विवाद का मामला सामने आया है। एक अधिवक्ता और उनके परिवार के साथ कथित मारपीट और अभद्रता के आरोपों के बाद अधिवक्ताओं ने थाने पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दो सब-इंस्पेक्टर और दो कॉन्स्टेबल को निलंबित कर दिया है तथा पूरे प्रकरण की जांच एसीपी को सौंप दी गई है।

देर रात अधिवक्ता के घर पहुंची थी पुलिस
जानकारी के अनुसार, सूरजपुर कोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले अधिवक्ता फरीद अहमद अपने परिवार के साथ ककराला गांव में रहते हैं। आरोप है कि शनिवार रात करीब साढ़े 11 बजे चार पुलिसकर्मी उनके घर पहुंचे और उनसे तथा परिवार के सदस्यों से अभद्र व्यवहार किया। पीड़ित पक्ष का कहना है कि पुलिसकर्मियों ने अधिवक्ता की पिटाई की और उन्हें बिसरख कोतवाली ले जाकर बैठा लिया।

अधिवक्ताओं ने थाने पहुंचकर जताया विरोध
घटना की जानकारी मिलने के बाद District Civil and Criminal Bar Association के पदाधिकारियों और कई अधिवक्ताओं ने रविवार सुबह बिसरख कोतवाली पहुंचकर पुलिस के खिलाफ विरोध जताया। इस दौरान अधिवक्ताओं ने कथित रूप से हिरासत में रखे गए वकील को छुड़ाया और संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की। मौके पर पहुंचे सहायक पुलिस आयुक्त पवन कुमार ने मामले की जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया।

परिवार के साथ अभद्रता का भी आरोप
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने अधिवक्ता की भाभी के साथ भी अभद्रता की और धक्का-मुक्की में उनके कपड़े फट गए, जिससे उन्हें चोट भी आई। इसके अलावा मोबाइल फोन छीनने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया गया है। अधिवक्ताओं का कहना है कि घायल अधिवक्ता का मेडिकल कराने में भी देरी की गई।

कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी
अधिवक्ता अमित राणा ने कहा कि यदि आरोपित पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की गई तो अधिवक्ता धरना-प्रदर्शन करेंगे और पुलिस आयुक्त कार्यालय का घेराव करेंगे।

पुलिस ने बताया अपहरण केस से जुड़ा मामला
वहीं पुलिस अधिकारियों के अनुसार पूरा मामला एक अपहरण केस की जांच से जुड़ा है। पुलिस के मुताबिक एक युवती की शादी गाजियाबाद के युवक से तय हुई थी, जबकि दिल्ली का एक युवक उससे एकतरफा प्रेम करता था और शादी के लिए दबाव बना रहा था। आरोप है कि उसी युवक ने लड़की के मंगेतर का अपहरण कर उसके साथ मारपीट की और बाद में उसे दिल्ली बॉर्डर के पास छोड़ दिया। इस मामले में बिसरख थाने में अपहरण का मुकदमा दर्ज किया गया था।

पुलिस का कहना है कि मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया था और उसके सहयोगी, जिसे अधिवक्ता का भाई बताया जा रहा है, की तलाश में पुलिस टीम उनके घर पहुंची थी। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच विवाद हो गया।

जांच के आदेश
मामले का संज्ञान लेते हुए डीसीपी सेंट्रल ने दो सब-इंस्पेक्टर और दो कॉन्स्टेबल को तत्काल निलंबित कर दिया है और पूरे मामले की जांच एसीपी फर्स्ट को सौंप दी है। पुलिस का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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