'सीमा में रहो वरना बाहर निकलवा दूंगा'... BSA को बचाने के आरोप पर भड़के मंत्री दयाशंकर सिंह, वीडियो वायरल

Edited By Anil Kapoor,Updated: 16 Mar, 2026 02:20 PM

dayashankar singh lashed out at politicians who went to seek justice in teacher

Deoria News: उत्तर प्रदेश के परिवहन एवं देवरिया के प्रभारी मंत्री दयाशंकर सिंह एक बार फिर अपने तल्ख तेवरों के कारण विवादों के घेरे में हैं। सोशल मीडिया पर 24 फरवरी का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें मंत्री जी न्याय की गुहार लगाने आए शिक्षक...

Deoria News: उत्तर प्रदेश के परिवहन एवं देवरिया के प्रभारी मंत्री दयाशंकर सिंह एक बार फिर अपने तल्ख तेवरों के कारण विवादों के घेरे में हैं। सोशल मीडिया पर 24 फरवरी का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें मंत्री जी न्याय की गुहार लगाने आए शिक्षक नेताओं को उंगली दिखाकर धमकाते और बाहर निकालने की चेतावनी देते नजर आ रहे हैं। यह पूरा विवाद भ्रष्टाचार और एक शिक्षक की आत्महत्या से जुड़ा है।

क्या है पूरा मामला?
बीते दिनों देवरिया में तैनात एक शिक्षक ने गोरखपुर में फांसी लगाकर जान दे दी थी। सुसाइड से पहले जारी वीडियो में मृतक शिक्षक ने देवरिया की BSA शालिनी श्रीवास्तव और एक क्लर्क पर गंभीर आरोप लगाए थे। शिक्षक का आरोप था कि वेतन बहाली के नाम पर उनसे 14 लाख रुपए की रिश्वत ली गई और उसके बावजूद उन्हें लगातार प्रताड़ित किया गया। इस मामले में एफआईआर तो दर्ज हुई, लेकिन आरोपियों पर अब तक कोई कड़ी कार्रवाई नहीं हुई है।

बलिया कनेक्शन के जिक्र पर बिगड़ा मंत्री जी का पारा
इसी सिलसिले में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ का एक प्रतिनिधिमंडल पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में मंत्री दयाशंकर सिंह से मिलने पहुंचा था। बातचीत के दौरान जब शिक्षक नेता विवेक मिश्रा ने मामले में हो रही ढिलाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि मंत्री जी, आप और BSA दोनों बलिया के निवासी हैं, शायद इसीलिए उन्हें बचाया जा रहा है, तो मंत्री जी का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। मंत्री दयाशंकर सिंह ने चिल्लाते हुए शिक्षक नेता को अपनी सीमा में रहने की हिदायत दी और कहा कि अगर बात सुनने का अवसर दिया गया है तो आप सिर पर चढ़ेंगे? अपनी मर्यादा में रहिए, वरना बाहर निकलवा देंगे।

शिक्षकों में भारी आक्रोश
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि शिक्षक नेता बार-बार अपनी बात रखने का अनुरोध कर रहे थे, लेकिन मंत्री जी उन्हें चुप कराकर बाहर भेजने पर अड़े रहे। इस दौरान वहां भाजपा जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह भी मौजूद थे। शिक्षक संगठन का कहना है कि भ्रष्टाचार की वजह से उनके एक साथी ने अपनी जान गंवा दी और जब वे जनप्रतिनिधि से न्याय की गुहार लगाने गए, तो उन्हें अपमानित किया गया। इस घटना के बाद से शिक्षकों में सरकार और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ भारी रोष व्याप्त है।

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