Teachers' Day Special : प्रयागराज के 'अभिषेक' ने कबाड़ उठाने वाले परिवार के बच्चों को बनाया होनहार, जगाई शिक्षा की अलख, 9 सालों में 1 हज़ार से अधिक को किया शिक्षित

Edited By Purnima Singh,Updated: 05 Sep, 2025 04:27 PM

prayagraj s abhishek made the children of a family of junk collectors promisin

प्रयागराज के रहने वाले अभिषेक शुक्ला शिक्षक हैं जिनकी कहानी एक प्रेरणा स्रोत है। 9 साल पहले अभिषेक ने एक ऐसा कार्य करने की शुरुआत की जो आज के दौर में शायद ही कहीं देखने को मिले.....

प्रयागराज (सैय्यद आकिब रजा) : कहते हैं ज्ञान का कोई अंत नहीं है, इसे जितना बढ़ाओगे उतना ही ऊंचाई पर पहुंचोगे, बस शिक्षा की अलख को जिंदा रखना है। ऐसे में इसी कहावत को सच करके दिखाया है प्रयागराज के रहने वाले अभिषेक शुक्ला ने। अभिषेक एक ऐसे शिक्षक हैं जिनकी कहानी एक प्रेरणा स्रोत है। 9 साल पहले अभिषेक ने एक ऐसा कार्य करने की शुरुआत की जो आज के दौर में शायद ही कहीं देखने को मिले। 

बच्चों को धीरे-धीरे शिक्षित करके अब नौकरी तक पहुंचाने का काम कर रहे अभिषेक 
अभिषेक ने झुग्गी बस्तियों में रहने वाले गरीब बच्चों को पढ़ाने का बीड़ा उठाया है जो कभी स्कूल नहीं गए थे। 9 साल से उन बच्चों को शिक्षित कर रहे हैं जिनके अभिभावक कबाड़ बीनने का काम करते हैं या फिर भीख मांगने का। धीरे-धीरे करके अभिषेक बच्चों को शिक्षित करके अब नौकरी तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं। अभिषेक अपने स्कूल में  शिक्षा दिलाने के बाद 10वीं और 12वीं के स्कूलों में बच्चों का दाखिला कराते हैं। जहां पर कई बच्चे एग्जाम में फर्स्ट डिवीजन से भी उत्तीर्ण हुए हैं। 

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9 साल पहले की थी शुरूआत 
9 साल पहले अभिषेक सिविल परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। उस दौरान एक दिन ट्रैफिक सिग्नल पर रुकने के दौरान उनको एक छोटी सी बच्ची भीख मांगते हुए दिखाई दी। इस दृश्य ने अभिषेक के दिल को झंकझोर के रख दिया। घर आने के बाद अभिषेक को बार-बार वह तस्वीर सामने नजर आने लगी। इस दौरान अभिषेक ने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर गरीब बच्चों को शिक्षित करने का बीड़ा उठाने का काम करने की शुरुआत की। 
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करीब 5 सालों तक खुले आसमान के नीचे अभिषेक ने बच्चों को पढ़ाया 
करीब 5 सालों तक खुले आसमान के नीचे अभिषेक ने कई पार्कों में जाकर बच्चों को पढ़ाया और इस अभियान का नाम शुरुआत रखा। धीरे धीरे अभिषेक की अनोखी पहल की सूचना स्थानीय जनता को मिली तो अभिषेक को इस कार्य के लिए सहयोग भी मिलने लगा। अभिषेक बताते हैं कि पिछले 3 सालों में वह इस लायक हो गए कि वह स्मार्ट स्कूल खोल सकें। आज आलोपी बाग में 7 कमरे के अनोखे स्मार्ट स्कूल में झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले गरीब परिवार के बच्चों को पढ़ाई कराते हुए नजर आते हैं। पिछले 9 सालों में अभिषेक ने 1 हज़ार से अधिक बच्चों को शिक्षित किया है। 
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स्कूल में हर तरह की सुविधा उप्लब्ध
आलोपी बाग स्तिथ इस शुरुआत प्ले स्कूल में स्मार्ट क्लासेस, साइंस लैब, लाइब्रेरी, गेम्स रूम की भी सुविधा उपलब्ध है। साथ ही बच्चों को कंप्यूटर भी सिखाया जाता है। बच्चों के अभिभावकों का कहना है कि अभिषेक जैसे सोच वाले इंसान आज के दौर में बेहद कम हैं। शिक्षा की ज्योति जिस तरह अभिषेक ने जलाए रखा है। इस तरह की जिम्मेदारी सभी को समझनी होगी तभी हमारे देश में शिक्षा का स्तर ऊंचा होगा। 


 

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