Cabinet Meeting: योगी सरकार ने शिक्षकों और कर्मचारियों को दिया बड़ा तोहफा, इस योजना को दी मंजूरी, 15 लाख लाभार्थियों को मिलेगी सुविधा

Edited By Pooja Gill,Updated: 29 Jan, 2026 03:36 PM

cabinet meeting yogi government gave a big gift to teachers

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकर के मंत्रिमंडल ने बृहस्पतिवार को बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभागों के विद्यालयों के शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा उपचार योजनाओं को मंज़ूरी दे दी, जिससे राज्य भर में लगभग...

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकर के मंत्रिमंडल ने बृहस्पतिवार को बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभागों के विद्यालयों के शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा उपचार योजनाओं को मंज़ूरी दे दी, जिससे राज्य भर में लगभग 15 लाख लाभार्थियों को यह सुविधा मिलेगी। कैबिनेट बैठक के बाद संबोधित करते हुए वित्त और संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि मंत्रिमंडल के सामने 32 प्रस्ताव रखे गए थे, जिनमें से 30 को मंजूरी दे दी गई जबकि दो को रोक दिया गया। 

इस योजना में 11,95,391 लाभार्थी होंगे शामिल
बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि कैबिनेट ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा शिक्षक दिवस पर बेसिक शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कर्मचारियों के लिए घोषित की जा चुकी कैशलेस मेडिकल सुविधा को लागू करने पर सहमति दी है। इस योजना में 11,95,391 लाभार्थी शामिल होंगे और इस पर अनुमानित 358.61 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। इसमें बेसिक शिक्षा परिषद के 4,34,426 शिक्षक, सरकारी सहायता प्राप्त जूनियर हाई स्कूलों के 13,380 शिक्षक, परिषद के तहत स्व-वित्तपोषित मान्यता प्राप्त स्कूलों के 4,72,735 शिक्षक, 1,42,929 'शिक्षा मित्र', उच्च प्राथमिक स्कूलों के 24,717 प्रशिक्षक, 7,479 वार्डन और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के पूर्णकालिक और अंशकालिक शिक्षक, प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत 97,344 रसोइया और 2,00,581 विशेष शिक्षक शामिल हैं। 

ये शिक्षक होंगे कैशलेस इलाज के लिए पात्र
सिंह ने कहा कि स्व-वित्तपोषित मान्यता प्राप्त स्कूलों में काम करने वाले शिक्षकों के लिए जिला स्तर पर सत्यापन तंत्र स्थापित किया जाएगा। जिला विद्यालय निरीक्षक और बेसिक शिक्षा अधिकारी की अध्यक्षता वाली समितियां कैशलेस सुविधा देने से पहले लाभार्थियों का सत्यापन करेंगी। खन्ना ने कहा कि कैबिनेट ने माध्यमिक शिक्षा विभाग के तहत शिक्षकों के लिए भी इसी तरह की कैशलेस मेडिकल योजना को मंज़ूरी दी है। उन्होंने कहा कि इस फैसले के तहत, गैर-सरकारी सहायता प्राप्त माध्यमिक स्कूलों के शिक्षक और सरकारी वित्त पोषित माध्यमिक स्कूलों में काम करने वाले शिक्षक कैशलेस इलाज के लिए पात्र होंगे। 

इन अस्पतालों में मिलेगी सुविधा 
माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने कहा कि इस योजना में मानदेय पर काम करने वाले शिक्षक और उनके आश्रित परिवार के सदस्य भी शामिल होंगे। उन्होंने आगे कहा कि लाभार्थियों को न सिर्फ सरकारी अस्पतालों में बल्कि पैनल में शामिल निजी अस्पतालों में भी अंतर्रोगी विभाग (आईपीडी) में इलाज की सुविधा मिलेगी। खन्ना ने कहा कि माध्यमिक शिक्षा विभाग के तहत लगभग 2,97,579 शिक्षकों को इस योजना से फायदा होगा, जिस पर अनुमानित खर्च लगभग 89.25 करोड़ रुपये आएगा। 
 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!