बिना टांका, बिना चीरा... और बाहर आ गया ढाई इंच लंबा स्क्रू, डॉक्टरों ने 14 महीने के बच्चे को ऐसे दिया नया जीवन

Edited By Anil Kapoor,Updated: 11 Mar, 2026 12:49 PM

without stitches without incisionand out came two and a half inch long screw

Gorakhpur News: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से चिकित्सा जगत का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जहां के डॉक्टरों ने अपनी सूझबूझ और आधुनिक तकनीक से महज 14 महीने के एक मासूम की जान बचाई है। सिद्धार्थनगर के रहने वाले छोटे से बच्चे गर्वित के पेट से...

Gorakhpur News: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से चिकित्सा जगत का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जहां के डॉक्टरों ने अपनी सूझबूझ और आधुनिक तकनीक से महज 14 महीने के एक मासूम की जान बचाई है। सिद्धार्थनगर के रहने वाले छोटे से बच्चे गर्वित के पेट से ढाई इंच लंबा और बेहद नुकीला लोहे का स्क्रू बिना किसी चीरा-फाड़ी के बाहर निकाल लिया गया।

खेलते-खेलते निगल लिया काल
सिद्धार्थनगर के पशुपतिनाथ दुबे का बेटा गर्वित घर में खेल रहा था, तभी उसने वहां पड़ा एक बड़ा स्क्रू निगल लिया। परिवार को शुरुआत में इसका पता नहीं चला। जब बच्चे के पेट में असहनीय दर्द शुरू हुआ, तो परिजनों ने इसे मामूली समझकर मेडिकल स्टोर से दवा दिला दी। लेकिन जब बच्चा दर्द से तड़पने लगा, तो उसे तुरंत गोरखपुर के सिटी सुपर स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल लाया गया।

एक्स-रे देखते ही उड़ गए होश
अस्पताल में जब डॉ. विवेक मिश्रा और उनकी टीम ने बच्चे का एक्स-रे किया, तो तस्वीर देखकर हर कोई दंग रह गया। मासूम की आंतों के पास ढाई इंच का नुकीला स्क्रू फंसा हुआ था। बच्चे की उम्र इतनी कम थी कि बड़ा ऑपरेशन जानलेवा साबित हो सकता था।

3 दिन की निगरानी और बिना टांके का इलाज
डॉक्टरों ने जोखिम उठाते हुए बच्चे को निगरानी में रखा और हर 4 घंटे पर एक्स-रे के जरिए स्क्रू की लोकेशन ट्रैक की। जब स्क्रू छोटी और बड़ी आंत के जोड़ (टर्मिनल हीलियम) के पास पहुंचा, तो डॉक्टरों ने कोलोनोस्कोपी (Colonoscopy) तकनीक का सहारा लिया। एंडोस्कोपिक उपकरणों की मदद से बिना पेट काटे, बेहद सावधानी से उस नुकीले स्क्रू को पकड़कर बाहर निकाल लिया गया।

डॉक्टर की चेतावनी: खुद ना बनें डॉक्टर
सफल इलाज के बाद डॉ. विवेक मिश्रा ने अभिभावकों को सख्त हिदायत दी है। उन्होंने कहा कि नुकीली चीजें आंतों को फाड़ सकती हैं, जिससे संक्रमण फैलकर जान जा सकती है। अगर बच्चा सिक्का, सेल या कोई भी बाहरी चीज निगल ले, तो खुद दवा देने के बजाय तुरंत विशेषज्ञ के पास जाएं और एक्स-रे कराएं।

अब मुस्कुरा रहा है गर्वित
तीन दिनों तक मौत से जंग लड़ने के बाद अब नन्हा गर्वित पूरी तरह स्वस्थ है। बिना किसी टांके या सर्जरी के बच्चे को ठीक देख माता-पिता की आंखों में खुशी के आंसू हैं।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!