Edited By Anil Kapoor,Updated: 11 Mar, 2026 01:45 PM

Fatehpur News: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में एक युवती की संदिग्ध मौत की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। जिसे पहले हत्या और दुष्कर्म का मामला समझा जा रहा था, वह अंततः ऑनर किलिंग (सम्मान के नाम पर हत्या) निकला। समाज में बदनामी के डर से एक मां और भाई...
Fatehpur News: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में एक युवती की संदिग्ध मौत की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। जिसे पहले हत्या और दुष्कर्म का मामला समझा जा रहा था, वह अंततः ऑनर किलिंग (सम्मान के नाम पर हत्या) निकला। समाज में बदनामी के डर से एक मां और भाई ने मिलकर अपनी ही बेटी की जान ले ली। पुलिस ने आरोपी मां अफसाना और भाई अफसार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
चने के खेत में मिला था लहूलुहान शव
घटना गाजीपुर थाना क्षेत्र की है। करीब एक सप्ताह पहले गांव से दूर चने के खेत में युवती का शव मिलने से सनसनी फैल गई थी। मृतका के गले और चेहरे पर चोट के गहरे निशान थे। शुरुआत में परिवार ने गांव के ही सुनील यादव नाम के युवक पर आरोप लगाया था कि उसने शादी का झांसा देकर रेप किया और फिर हत्या कर दी।
साजिश के पीछे की असली कहानी
पुलिस जांच और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) से पता चला कि युवती का सुनील यादव के साथ प्रेम प्रसंग था। युवती ने पहले भी इस रिश्ते को लेकर विवाद होने पर 25 फरवरी को रेलवे ट्रैक पर सुसाइड की कोशिश की थी, लेकिन तब आरपीएफ ने उसे बचा लिया था। इसके बाद परिवार के दबाव में उसने सुनील पर रेप का केस भी दर्ज कराया था।
बदनामी के डर ने बनाया कातिल
पुलिस के मुताबिक, परिवार को डर था कि बेटी की वजह से समाज में उनकी बहुत बदनामी होगी। बीते रविवार की रात जब घर के सब लोग सो गए, तब युवती चुपके से घर से निकली। पीछे से उसकी मां और भाई भी पहुंच गए। गुस्से और नफरत में आकर दोनों ने मिलकर युवती की हत्या कर दी और शव को खेत में फेंक दिया। उनकी योजना इस हत्या का दोष प्रेमी सुनील यादव पर मढ़ने की थी, ताकि वह जेल चला जाए और उनकी बदनामी का दाग भी मिट जाए।
पुलिस का खुलासा
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपियों ने जुर्म कबूल कर लिया है। उन्हें लगा था कि पुलिस पहले से दर्ज रेप केस के आधार पर सुनील को ही कातिल मान लेगी, लेकिन वैज्ञानिक साक्ष्यों और कड़ाई से हुई पूछताछ ने मां-बेटे की साजिश को बेनकाब कर दिया।