Edited By Purnima Singh,Updated: 10 Mar, 2026 05:39 PM

उत्तर प्रदेश सरकार ने ऐप आधारित टैक्सी सेवाओं को लेकर बड़ा फैसला लिया है। अब Ola Cabs, Uber समेत सभी टैक्सी एग्रीगेटर कंपनियों को राज्य में संचालन से पहले अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराना होगा। सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य यात्रियों की...
लखनऊ : उत्तर प्रदेश सरकार ने ऐप आधारित टैक्सी सेवाओं को लेकर बड़ा फैसला लिया है। अब Ola Cabs, Uber समेत सभी टैक्सी एग्रीगेटर कंपनियों को राज्य में संचालन से पहले अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराना होगा। सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाना और कैब सेवाओं को स्पष्ट नियामक ढांचे में लाना है।
कैब सेवाओं के लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी
कैब एग्रीगेटर कंपनियों को अब राज्य में सेवा शुरू करने से पहले रजिस्ट्रेशन कराना होगा। बिना पंजीकरण, वाहन फिटनेस प्रमाणपत्र, चालक के मेडिकल परीक्षण और पुलिस सत्यापन के कोई भी कैब सेवा संचालित नहीं की जा सकेगी।
केंद्र के नियमों के आधार पर फैसला
राज्य सरकार ने यह निर्णय Motor Vehicles Act, 1988 की धारा 93 के तहत किए गए संशोधनों के आधार पर लिया है। केंद्रीय सरकार ने एक जुलाई 2025 को इन नियमों में बदलाव किया था, जिसे अब उत्तर प्रदेश में लागू किया जाएगा।
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परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद बताया कि अब तक इन कंपनियों पर स्पष्ट नियामक नियंत्रण नहीं था, लेकिन नई व्यवस्था के बाद उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर लाइसेंस प्राप्त करना होगा।
चालकों का मेडिकल और पुलिस सत्यापन अनिवार्य
नई व्यवस्था के तहत कैब चलाने वाले ड्राइवरों का चिकित्सकीय परीक्षण, पुलिस सत्यापन और वाहन की फिटनेस जांच अनिवार्य होगी। इससे यात्रियों को सुरक्षित और विश्वसनीय सेवा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
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लाइसेंस के लिए देना होगा शुल्क
सरकार के अनुसार, 50 से अधिक वाहनों का संचालन करने वाली एग्रीगेटर कंपनियों को लाइसेंस के लिए पांच लाख रुपये शुल्क देना होगा। आवेदन शुल्क 25 हजार रुपये निर्धारित किया गया है। लाइसेंस की अवधि पांच वर्ष होगी और इसके नवीनीकरण के लिए पांच हजार रुपये का शुल्क देना पड़ेगा।
कैब सेवाओं की जानकारी के लिए बनेगा ऐप
राज्य सरकार एक विशेष मोबाइल ऐप भी विकसित करेगी, जिसके माध्यम से कैब सेवाओं से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध रहेगी। इस ऐप पर चालकों का विवरण और अन्य आवश्यक सूचनाएं भी देखी जा सकेंगी। सरकार का मानना है कि इन नए नियमों से कैब सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी और यात्रियों की सुरक्षा को और मजबूत किया जा सकेगा।