इंजीनियर मौत मामला: उच्चस्तरीय समिति ने शुरू की जांच, मृतक के परिजनों से की मुलाकात

Edited By Pooja Gill,Updated: 20 Jan, 2026 04:05 PM

engineer death case high level committee begins

नोएडा: उत्तर प्रदेश के नोएडा में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत के मामले की जांच के लिए गठित की गई तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम ने मंगलवार से अपनी जांच शुरू कर दी...

नोएडा: उत्तर प्रदेश के नोएडा में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत के मामले की जांच के लिए गठित की गई तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम ने मंगलवार से अपनी जांच शुरू कर दी। मेरठ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) भानु भास्कर के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम ने मामले की जांच शुरू की है।

जांच समिति ने मृतक के परिजनों से की बात 
एडीजी भानु भास्कर, मेरठ के मंडलायुक्त भानु चंद्र गोस्वामी और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के मुख्य अभियंता अजय वर्मा दोपहर करीब 12 बजे सबसे पहले नोएडा विकास प्राधिकरण के दफ्तर पहुंचे, यहां से मामले की जांच शुरू की। जांच समिति के सदस्यों ने मृतक के परिजनों से भी मुलाकात की। 

प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी को हटाया 
बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना की जांच रिपोर्ट पांच दिन के अंदर तलब की है। इस मामले को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने एक तीन सदस्यीय विशेष जांच दल गठित किया है। उत्तर प्रदेश शासन ने सोमवार को नोएडा विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी लोकेश एम को उनके पद से हटाकर उन्हें प्रतीक्षारत कर दिया था, अभी तक नोएडा विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी के पद पर किसी की नियुक्ति नहीं हुई है। 

जानिए पूरी घटना 
नोएडा के सेक्टर-150 में 16 जनवरी को हुई घटना में 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत हो गई थी। उसकी कार निर्माणाधीन स्थल के पास पानी से भरे गड्ढे में गिर गई थी और उस निर्माणाधीन स्थल पर कोई अवरोधक भी नहीं था। यह गड्ढा एक मॉल के भूमिगत तल के निर्माण के लिए खोदा गया था। इस घटना में लापरवाही के आरोप लगाए जा रहे हैं। 

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