Edited By Anil Kapoor,Updated: 12 Mar, 2026 06:49 AM

Jhansi News: भारतीय रेलवे की सबसे वीआईपी ट्रेनों में शुमार Rajdhani Express से लापरवाही का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। दिल्ली से मुंबई की यात्रा कर रही एक 56 वर्षीय महिला को उनकी धार्मिक आस्था के विपरीत शाकाहारी भोजन की जगह नॉन-वेज....
Jhansi News: भारतीय रेलवे की सबसे वीआईपी ट्रेनों में शुमार Rajdhani Express से लापरवाही का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। दिल्ली से मुंबई की यात्रा कर रही एक 56 वर्षीय महिला को उनकी धार्मिक आस्था के विपरीत शाकाहारी भोजन की जगह नॉन-वेज (चिकन) परोस दिया गया। खाना खाने के बाद जब महिला को सच्चाई का पता चला, तो सदमे और घबराहट के कारण उनकी तबीयत खराब हो गई।
क्या है पूरा मामला?
मुंबई की रहने वाली राजेश्वरी देवी दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन स्टेशन से मुंबई के लिए ट्रेन नंबर 12954 (August Kranti Rajdhani) के कोच B-1 में सफर कर रही थीं। उनके बेटे शिवम ने टिकट बुक करते समय स्पष्ट रूप से Vegetarian (शाकाहारी) विकल्प चुना था। रात के खाने के समय कैटरिंग स्टाफ ने उन्हें गलती से चिकन करी दे दी। अंधेरे या पैकेट की समानता के कारण राजेश्वरी देवी ने खाना शुरू कर दिया। कुछ निवाले खाने के बाद उन्हें स्वाद अजीब लगा। जब साथ बैठे यात्रियों ने खाने की जांच की, तो पता चला कि वह सब्जी नहीं बल्कि चिकन था।
तबीयत बिगड़ी और रेलवे पर अनदेखी का आरोप
मांसाहार के सेवन की बात पता चलते ही महिला को घबराहट होने लगी और उन्हें लगातार उल्टियां (Vomiting) शुरू हो गई। उनके बेटे ने तुरंत Railway Helpline पर शिकायत दर्ज कराई और मेडिकल मदद की मांग की। परिवार का आरोप है कि जब ट्रेन Jhansi Junction पहुंची, तो रेलवे स्टाफ ने इसे बेहद हल्के में लिया। उचित इलाज देने के बजाय, कर्मचारियों ने केवल नींबू-पानी पीने की सलाह दी और चले गए। पूरी रात महिला बेचैनी और खराब स्वास्थ्य से जूझती रही।
धार्मिक आस्था को ठेस
मुंबई पहुंचने के बाद पीड़ित महिला ने अपनी धार्मिक आस्था और शुद्धिकरण के लिए उपवास रखा और घर में अनुष्ठान किया। परिवार ने इस घटना को ना केवल सेवा में कमी, बल्कि धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ बताया है।
IRCTC ने दिए जांच के आदेश
सोशल मीडिया और आधिकारिक पोर्टल पर शिकायत के बाद IRCTC (Indian Railway Catering and Tourism Corporation) ने मामले का संज्ञान लिया है। संबंधित वेंडर और कैटरिंग स्टाफ को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर भारी जुर्माना या कॉन्ट्रैक्ट रद्द करने जैसी सख्त कार्रवाई (Action) की जा सकती है।