पहले जहर पिया, फिर खुद ही रेत लिया अपना गला; फतेहपुर के उस बंद कमरे का सच, जिसने पुलिस को भी हिला डाला

Edited By Anil Kapoor,Updated: 12 Mar, 2026 08:23 AM

fatehpur news first he drank poison then slit his own throat

Fatehpur News: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में तीन लोगों की मौत के मामले में एक ऐसा मोड़ आया है जिसने सबको चौंका दिया है। जिसे शुरुआत में ट्रिपल मर्डर समझा जा रहा था, पुलिस जांच में वह सामूहिक आत्महत्या का मामला निकलता दिख रहा है। मौके से मिले एक...

Fatehpur News: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में तीन लोगों की मौत के मामले में एक ऐसा मोड़ आया है जिसने सबको चौंका दिया है। जिसे शुरुआत में ट्रिपल मर्डर समझा जा रहा था, पुलिस जांच में वह सामूहिक आत्महत्या का मामला निकलता दिख रहा है। मौके से मिले एक सुसाइड नोट ने इस पूरी कहानी का रुख मोड़ दिया है।

क्या है पूरा मामला?
फतेहपुर के कोतवाली थाना क्षेत्र में 55 वर्षीय सुशीला, उनके 28 वर्षीय बेटे अमर और 53 वर्षीय देवर सुनील की लाश मिलने से हड़कंप मच गया था। मां-बेटे का शव घर के अंदर कमरे में पड़ा मिला, जबकि देवर ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया। जिस कमरे में शव मिले, वह अंदर से बंद था। मृतका सुशीला के पति ने पड़ोसियों की मदद से जब दरवाजा खुलवाया, तो अंदर का मंजर देखकर सबके रोंगटे खड़े हो गए। जांच में सामने आया कि तीनों ने पहले पानी में सल्फास घोलकर पिया और फिर ब्लेड से अपने गले और हाथों पर हमला कर लिया। कमरे में हाथापाई का कोई निशान नहीं मिला, जो आत्महत्या की थ्योरी को पुख्ता करता है।

सुसाइड नोट- एक वकील और ब्लैकमेलिंग का जिक्र
पुलिस को मौके से एक विस्तृत सुसाइड नोट मिला है, जिसमें मौत के लिए एक स्थानीय वकील को जिम्मेदार ठहराया गया है। सुसाइड नोट में लिखा है कि कुछ लोग परिवार पर मानसिक दबाव बना रहे थे और उन्हें ब्लैकमेल किया जा रहा था।नोट में यह भी आरोप लगाया गया है कि उन पर एससी-एसटी (SC-ST) एक्ट के तहत झूठा मुकदमा लिखवाने की धमकी दी जा रही थी। इसी दबाव और लोक-लाज के डर से पूरे परिवार ने मौत को गले लगा लिया।

प्रशासन का बयान
एडीजी प्रयागराज जोन, ज्योति नारायण ने बताया कि फॉरेंसिक जांच और सुसाइड नोट के आधार पर यह मामला आत्महत्या का ही लग रहा है। ज्योति नारायण (ADG) का कहना है कि कमरे के अंदर से सल्फास और ब्लेड बरामद हुए हैं। सुसाइड नोट में कुछ लोगों के नाम हैं जो परिवार को परेशान कर रहे थे। पुलिस उन सभी संदिग्धों से पूछताछ कर रही है और जल्द ही कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

जांच जारी
एएसपी और भारी पुलिस बल के साथ फॉरेंसिक टीम साक्ष्य जुटाने में लगी है। सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग और उसमें किए गए दावों की गहराई से पड़ताल की जा रही है ताकि यह साफ हो सके कि इस हंसते-खेलते परिवार को मौत के मुहाने तक धकेलने वाला असली मास्टरमाइंड कौन है।

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