Edited By Pooja Gill,Updated: 01 Mar, 2026 03:33 PM

बाराबंकी: अमेरिका व इजराइल के हमले के बाद र्ईरान में फंसे बाराबंकी जिले के कई लोगों के परिवार बेहद चिंतित हैं और उन्होंने भारत सरकार से अपने प्रियजनों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने...
बाराबंकी: अमेरिका व इजराइल के हमले के बाद र्ईरान में फंसे बाराबंकी जिले के कई लोगों के परिवार बेहद चिंतित हैं और उन्होंने भारत सरकार से अपने प्रियजनों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने की अपील की है। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, बाराबंकी जिले के कम से कम सात लोग इस वक्त ईरान के कुम शहर में फंसे हैं, जिनमें छात्र और इस्लामी विद्वान शामिल हैं।
हमले की खबर के बाद परिजन बेहद परेशान
सूत्रों ने बताया कि हमले के बाद से कुछ लोगों से संपर्क टूटने की वजह से परिजनों की बेचैनी काफी बढ़ गई है। बाराबंकी शहर निवासी वकील दिलकश रिजवी ने बताया कि हमले की खबर के बाद से पूरा परिवार बेहद परेशान है। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों से शुरुआत में बातचीत तो हुई, लेकिन उसके बाद से संपर्क नहीं हो पा रहा है।
परिजनों में डर का माहौल
मौलाना अब्बास मेंहदी सदफ ने बताया कि उनके बड़े भाई मौलाना जफर अब्बास फैजी कुम शहर में अध्ययनरत हैं। उन्होंने बताया, "हमले के बाद हमारी उनसे बात हुई थी। उन्होंने जानकारी दी कि कुम शहर की सीमा पर हमला हुआ है। हालांकि वहां फिलहाल हालात काबू में हैं।" नगर के कटरा मोहल्ले सहित विभिन्न इलाकों के परिवारों में डर का माहौल है। परिजन मस्जिदों में जमा होकर अपने प्रियजनों की सलामती के लिए दुआएं मांग रहे हैं। प्रभावित परिवारों ने भारत सरकार से ईरान में फंसे विद्यार्थियों और अन्य लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की।