अधिकारियों की लापरवाही! मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह अचानक निरस्त: 200 परिवारों की टूटी उम्मीदें, परिवारों में आक्रोश

Edited By Ramkesh,Updated: 13 Nov, 2025 06:47 PM

chief minister s mass marriage ceremony abruptly cancelled

बुंदेलखंड जैसे पिछड़े इलाके के लिए वरदान मानी जाना वाली सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना महोबा जनपद में अधिकारियों की लापरवाही से उनके लिए अभिशाप बनती नजर आ रही है।

महोबा (अमित श्रोतीय): बुंदेलखंड जैसे पिछड़े इलाके के लिए वरदान मानी जाना वाली सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना महोबा जनपद में अधिकारियों की लापरवाही से उनके लिए अभिशाप बनती नजर आ रही है। दरअसल, जिले में गरीबी रेखा में जीवन यापन करने वाले लगभग 200 परिवार अपनी पुत्रियों की शादी 13 नवम्बर को इस योजना के तहत करने की तैयारी में जुटे थे, लेकिन शादी से दो दिन पहले जिला प्रशासन ने कार्यक्रम रद्द करने का आदेश जारी कर दिया। कई शादी के घरों में मायूसी है तो कई घरों में कर्ज लेकर पुत्रियों के हाथ पीले करने की तैयारी में गरीब परिवार जुटे है।

अपरिहार्य कारणों का हवाला देकर किया निरस्त
आपको बता दें कि मुख्य विकास अधिकारी बलराम ने एक सूचना सभी नगर पालिका और नगर पंचायतो को  सूचना दी कि “अपरिहार्य कारणों” के चलते विवाह समारोह स्थगित किया जा रहा है । इससे पहले भी 6 नवम्बर को निर्धारित सामूहिक विवाह सम्मेलन का कार्यक्रम स्थगित किया जा चुका था। एक सप्ताह के भीतर लगातार तारीखें बदलने से गरीब परिवारों की उम्मीदें टूट गईं और शादी की तैयारियों में जुटे घरों में कोहराम मच गया। नगर पालिका क्षेत्र के बजरिया मोहल्ले की पान कुंवर कुशवाहा अपनी बेटी खुशबू की शादी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना से करने वाली थीं।

लाभार्थी बोले-  अधिकारियों की लापरवाही ने सब कुछ बर्बाद कर दिया
घर में मंडप और हल्दी की रस्में चल रही थीं, रिश्तेदार आ चुके थे, तभी कार्यक्रम रद्द होने की खबर आई। मजबूर होकर पानकुंवर ने पड़ोसियों और रिश्तेदारों से कर्ज लेकर अपनी बेटी की शादी स्वयं कराने का निर्णय लिया। उनका बेटा राकेश बताता है कि उन्होंने इस योजना से उम्मीदें लगाई थीं, परंतु अधिकारियों की लापरवाही ने सब बर्बाद कर दिया। अब अचानक घर से ही विवाह की तैयारी चल रही है। घर के बाहर सड़क पर आनन फानन में टेंट लगाया जा रहा है और बारात की तैयारी के लिए पड़ोसियो के मकान पर खाना बनाया जा रहा है लेकिन गरीब परिवार और पड़ोसियों में सरकारी अधिकारियों की इस लापरवाही पर आक्रोश है।

इसी तरह बड़ीहाट मोहल्ले के लालचंद रैकवार ने भी अपनी बेटी सोनाली की शादी के लिए साहूकारों से दो लाख रुपये का कर्ज लेकर इंतजाम शुरू कर दिए हैं। उनकी पत्नी कपूरी रोते हुए बताती हैं कि यह गरीबों के साथ मजाक है, बार-बार तारीखें बदलने से हम बर्बाद हो रहे हैं। इस संबंध में मुख्य विकास अधिकारी बलराम का कहना है कि टेंडर प्रक्रिया पूरी न होने और सप्लायर द्वारा अतिरिक्त समय मांगे जाने के कारण कार्यक्रम स्थगित किया गया है, जल्द नई तारीख घोषित की जाएगी। बार-बार कार्यक्रम स्थगित होने के सवाल पर उन्होंने गोलमोल जवाब दिया।

बहरहाल, भले ही सीडीओ साहब गरीब कन्याओं के विवाह में टेंडर प्रक्रिया का हवाला देकर अपना पल्ला झाड़ लिया हो मगर मगर गरीब परिवारों का कहना है कि प्रशासनिक लापरवाही ने उनकी खुशियों पर पानी फेर दिया है और वे जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।


 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!