Edited By Pooja Gill,Updated: 08 Mar, 2026 10:56 AM

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (international women's day) के मौके पर कहा कि एक मजबूत समाज बनाने में महिलाओं....
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (international women's day) के मौके पर कहा कि एक मजबूत समाज बनाने में महिलाओं की सबसे अहम भूमिका होती है। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार 'आधी आबादी' की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
'आज बेटियां रात की पाली में भी काम कर रही'
सीएम योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर 'योगी की पाती' शीर्षक से एक पोस्ट में कहा कि साल 2017 से पहले कई लड़कियां शाम के बाद अपने घरों से बाहर निकलने में झिझकती थीं और स्कूल एवं कॉलेज आने-जाने में खुद को असुरक्षित महसूस करती थीं। उन्होंने कहा, ''याद करिए, 2017 से पहले शाम होते ही घर से बाहर निकलने में बेटियां घबराती थीं। स्कूल-कॉलेज तक जाने में डर लगता था। महिलाओं से अपराध आम बात थी, लेकिन आज बेटियां रात की पाली में भी काम कर रही हैं। यह संभव हुआ है स्पष्ट नीति और साफ नीयत से।''
'मिशन शक्ति' और 'एंटी रोमियो' अभियानों पर बोले सीएम
सीएम ने अपने शासनकाल में महिलाओं की सुरक्षा के लिए उठाये गये कदमों का जिक्र करते हुए कहा कि 'मिशन शक्ति' और 'एंटी रोमियो' जैसे अभियानों ने बेटियों के विरुद्ध अपराध करने वालों के मन में डर पैदा किया है। जहां बेटियां सुरक्षित और सम्मानित होती हैं, वहां समाज सतत प्रगति करता है। उन्होंने कहा, ''मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना बेटियों के जन्म से शिक्षा तक पग-पग पर साथ है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना से गरीब परिवारों के लिए आत्मसम्मान के साथ बेटियों का विवाह संभव हुआ है। पुष्टाहार योजना के माध्यम से गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को बेहतर पोषण देकर आने वाली पीढ़ियों के स्वास्थ्य में उत्साहवर्धक परिवर्तन सुनिश्चित किया गया है। निराश्रित महिलाओं की पेंशन राशि 1,000 रुपये से बढ़ाकर 1,500 रुपये की गई है।''
'नारी का सम्मान समस्त समाज के लिए सर्वोपरि होना चाहिए'
CM Yogi ने दावा किया कि सरकार के इन्हीं प्रयासों का सुफल है कि आज छात्राओं के स्कूल छोड़ने की दर में भारी कमी आई है और मातृ मृत्युदर एवं शिशु मृत्युदर में अभूतपूर्व गिरावट आने के साथ-साथ शिक्षा से रोजगार तक बेटियों को समान अवसर मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, ''उत्तर प्रदेश की नारी शक्ति आज स्वावलंबन का नया अध्याय रच रही है। स्टार्टअप से उद्यमी क्रेडिट कार्ड तक हर ओर उद्यमिता के अवसर हैं।
प्रदेश के सभी विकास खंडों तक स्वयं सहायता समूहों का विस्तार हुआ है। लगभग 40 हजार बीसी सखियां आत्मविश्वास के साथ हजारों करोड़ के वित्तीय लेनदेन कर रही हैं। लखपति दीदी, ड्रोन दीदी, स्वास्थ्य सखी, सूर्य सखी न केवल अपने परिवार को आर्थिक रूप से सशक्त कर रही हैं, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान भी दे रही हैं।'' उन्होंने महिलाओं और लड़कियों का आह्वान करते हुए कहा, ''नारी का सम्मान समस्त समाज के लिए सर्वोपरि होना चाहिए। प्रदेश की सम्मानित बेटियों, आपको न किसी से डरने की आवश्यकता है, न छोटे सपने देखने हैं।