Edited By Anil Kapoor,Updated: 09 Mar, 2026 03:21 PM

Amethi News: उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले से पुलिसिया लापरवाही का एक ऐसा नमूना सामने आया है, जिसे सुनकर आप दंग रह जाएंगे। जहां पुलिस ने एक ऐसी 82 साल की बुजुर्ग महिला पर मुकदमा दर्ज कर दिया है, जो पिछले कई सालों से चारपाई से उठ तक नहीं....
Amethi News: उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले से पुलिसिया लापरवाही का एक ऐसा नमूना सामने आया है, जिसे सुनकर आप दंग रह जाएंगे। जहां पुलिस ने एक ऐसी 82 साल की बुजुर्ग महिला पर मुकदमा दर्ज कर दिया है, जो पिछले कई सालों से चारपाई से उठ तक नहीं पाई हैं। खाकी की इस अति-सक्रियता ने अब पूरे जिले में चर्चा का माहौल गर्म कर दिया है।
विवाद श्री लगाने से शुरू हुआ, FIR पर खत्म
मामला अमेठी कोतवाली के नौगिरवा गांव का है। जहां की निवासी निशा यादव नौगिरवा प्राथमिक विद्यालय में बीएलओ (BLO) के पद पर तैनात हैं। 2 तारीख को ड्यूटी के दौरान बगल के रहने वाले दयाराम कश्यप ने अपने पिता के नाम के आगे श्री लगाने को लेकर विवाद किया। आरोप है कि उसने सरकारी नोटिस फाड़ दी और बीएलओ को धमकी देकर चला गया।
आरोप है कि उसी रात करीब 8 बजे दयाराम अपने समर्थकों के साथ निशा यादव के घर में घुस गया और परिवार के साथ मारपीट की। निशा को गंभीर चोटें भी आईं और 112 नंबर पर फोन करने के बाद उसकी जान बची।
बिस्तर पर पड़ी नानी पर भी दर्ज हुआ केस
हद तो तब हो गई जब अगले दिन आरोपी दयाराम ने उलटा पीड़ित बीएलओ निशा यादव और उनकी 82 साल की नानी (लखपति) के खिलाफ कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करा दिया। बुजुर्ग लखपति देवी सालों से बीमार हैं और बिस्तर से हिल तक नहीं पाती हैं। बीएलओ निशा यादव का आरोप है कि पुलिस अब नाम निकालने के बदले 25 हजार रुपए की रिश्वत मांग रही है।
शिकायत में उम्र नहीं लिखी थी— पुलिस का अजीब तर्क
जब इस संवेदनहीनता पर अमेठी कोतवाली प्रभारी रवि सिंह से सवाल किया गया, तो उनका जवाब और भी चौंकाने वाला था। उन्होंने कहा कि शिकायत पत्र में आरोपी की उम्र नहीं लिखी थी, इसलिए मुकदमा दर्ज कर लिया गया। जांच के बाद नाम हटा दिया जाएगा। सवाल यह उठता है कि क्या पुलिस बिना किसी प्रारंभिक जांच या मौके पर गए ही किसी पर भी एफआईआर दर्ज कर लेती है?
पीड़ित की गुहार
बीमार बुजुर्ग महिला लखपति ने रोते हुए कहा कि मैं तो उठ भी नहीं सकती, फिर भी मुझे मुजरिम बना दिया। हम चाहते हैं कि इस मामले की सही जांच हो। फिलहाल बीएलओ पोती अपनी बेगुनाह नानी को न्याय दिलाने के लिए अफसरों की चौखट पर चक्कर काट रही है।