बदायूं के स्कूल में कलम की जगह मजहबी पाठ? मासूमों से नमाज पढ़वाने पर महासंग्राम, हिंदू संगठनों ने दी यह चेतावनी

Edited By Anil Kapoor,Updated: 09 Mar, 2026 07:57 AM

badaun news children were made to recite namaz in a government school

Badaun News: उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले से एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां एक सरकारी स्कूल के परिसर में बच्चों द्वारा नमाज पढ़ने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह घटना जिले के अंबियापुर ब्लॉक के रसौली स्थित सरकारी स्कूल....

Badaun News: उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले से एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां एक सरकारी स्कूल के परिसर में बच्चों द्वारा नमाज पढ़ने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह घटना जिले के अंबियापुर ब्लॉक के रसौली स्थित सरकारी स्कूल की है। वीडियो के सामने आते ही इलाके में तनाव की स्थिति बन गई है और हिंदू संगठनों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है।

क्या है पूरा मामला?
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में स्कूल के कुछ बच्चे नमाज पढ़ने की बात स्वीकार कर रहे हैं, जबकि कुछ अन्य बच्चे इससे इनकार करते नजर आ रहे हैं। इस मामले ने तब तूल पकड़ा जब स्कूल की ही एक महिला शिक्षिका ने इसकी शिकायत आला अधिकारियों से की।

विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि स्कूल के एक शिक्षक और एक अन्य महिला ने बच्चों को नमाज पढ़ने के लिए प्रेरित किया। शिकायत के अनुसार, स्कूल के भीतर धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

हिंदू संगठनों का विरोध और हनुमान चालीसा की चेतावनी
विवाद की खबर मिलते ही हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता स्कूल पहुंच गए। VHP के जिला मंत्री विनय प्रताप सिंह ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। संगठनों का कहना है कि यदि स्कूल परिसर में नमाज पढ़वाई गई है, तो वे वहां बैठकर सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे। वहीं विश्व हिंदू परिषद प्रतिनिधि का कहना है कि शिक्षा के मंदिर में किसी भी प्रकार की धार्मिक कट्टरता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अगर जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो प्रशासन को कड़ी कार्रवाई करनी होगी।

प्रशासन और विभाग की प्रतिक्रिया
इस पूरे घटनाक्रम पर Basic Education Officer (BSA) वीरेंद्र कुमार सिंह ने संज्ञान लिया है। उन्होंने स्थिति को स्पष्ट करते हुए बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए ABSA (Assistant Basic Education Officer) को जांच सौंपी गई है। गांव में कोई मस्जिद न होने के कारण ग्रामीण अक्सर खुली जगहों का उपयोग करते हैं, लेकिन स्कूल परिसर में ऐसी गतिविधि नियमों के विरुद्ध है। वायरल वीडियो में बच्चों के बयानों में अंतर है, जिसकी सच्चाई का पता जांच के बाद ही चलेगा।

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