Edited By Anil Kapoor,Updated: 27 Nov, 2025 03:08 PM

Bareilly News: उत्तर प्रदेश में बरेली जिले के निगोही तिलहर रोड पर गुरुवार तड़के एक भयानक हादसा होते-होते टल गया। नेपाल बॉर्डर के कृष्णानगर से पंजाब जा रही एक टूरिस्ट बस में करीब 50 यात्री सवार थे। गूगल मैप के बताए 'शॉर्टकट' रास्ते पर ड्राइव करते समय...
Bareilly News: उत्तर प्रदेश में बरेली जिले के निगोही तिलहर रोड पर गुरुवार तड़के एक भयानक हादसा होते-होते टल गया। नेपाल बॉर्डर के कृष्णानगर से पंजाब जा रही एक टूरिस्ट बस में करीब 50 यात्री सवार थे। गूगल मैप के बताए 'शॉर्टकट' रास्ते पर ड्राइव करते समय बस सड़क किनारे करीब 15 फीट गहरी खाई में जा गिरी। गनीमत रही कि सभी यात्री सुरक्षित हैं और केवल चालक व परिचालक सहित दो लोगों को मामूली चोटें आई हैं।
गूगल मैप ने भटकाया, बस खाई में गिरी
चालक अमनदीप (फोडला कलां, थाना विकी, जिला मानसा, पंजाब) ने बताया कि वह अमन टूरिस्ट की बस लेकर कृष्णानगर से बलरामपुर होते हुए चंडीगढ़ जा रहा था। मार्गदर्शन के लिए गूगल मैप का इस्तेमाल किया, जिसमें वह एनएच-30 हाईवे की बजाय तिलहर-निगोही मार्ग पर निकल गया। यह मार्ग फिलहाल डभौरा तिलहर के पास बंद है और भारी वाहनों के लिए बिल्कुल सुरक्षित नहीं था।
बस में मची अफरा-तफरी
जैसे ही चालक को रास्ते की समस्या का अहसास हुआ और उसने बस को रोकने की कोशिश की, बस खाई में गिर गई। बस में महिलाएं और बच्चे भी सवार थे। अफरा-तफरी मच गई। यात्रियों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। उन्होंने खिड़कियां तोड़कर सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला और राहत कार्य शुरू किया।
यात्रियों में डर और सन्नाटा
हादसे के बाद यात्रियों में दहशत फैली। चालक ने बताया कि अनजान रोड पर जाने से पहले वह सुनिश्चित नहीं कर सका कि यह मार्ग बड़े वाहन के लिए सुरक्षित है या नहीं। गनीमत रही कि बस संतुलन खोने के बावजूद पलटती नहीं और कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।
गूगल मैप के जोखिम
हालांकि गूगल मैप लोगों के लिए सुविधा प्रदान करता है, लेकिन कभी-कभी शॉर्टकट दिखाने के चक्कर में ऐसा खतरा बन सकता है। यह हादसा इस बात की चेतावनी है कि तकनीक पर पूरी तरह निर्भर रहना हमेशा सुरक्षित नहीं होता।