डीजी कारागार पी.सी. मीणा के आदेश पर बांदा जिला जेलर सस्पेंड ,  जानिए क्यों हुआ बड़ा एक्शन

Edited By Ramkesh,Updated: 31 Jan, 2026 05:15 PM

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उत्तर प्रदेश के कारागार विभाग ने वारंट बी पर तलब विचाराधीन कैदी को रिहा करने के आरोप में बांदा के जिला कारागार के कारापाल (जेलर) को निलंबित कर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। उत्तर प्रदेश के...

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के कारागार विभाग ने वारंट बी पर तलब विचाराधीन कैदी को रिहा करने के आरोप में बांदा के जिला कारागार के कारापाल (जेलर) को निलंबित कर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। उत्तर प्रदेश के कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाओं के महानिदेशक पी.सी. मीणा ने शुक्रवार को बांदा जिला जेल के कारापाल विक्रम सिंह यादव के निलंबन का आदेश जारी किया जिसमें कहा गया कि निलंबन अवधि के दौरान यादव को डॉ. संपूर्णानंद कारागार प्रशिक्षण संस्थान, उत्तर प्रदेश से संबद्ध रखा जाएगा।

विचाराधीन कैदी रवि काना को रिहा करने का आरोप 
यह कार्रवाई गैंगस्टर एक्ट के आरोपी रविंद्र सिंह उर्फ रवि नागर उर्फ रवि काना को वारंट-बी (मजिस्ट्रेट या न्यायाधीश द्वारा जेल में बंद आरोपी को किसी अन्य मामले में अदालत में पेश करने का आदेश) के तहत तलब किए जाने के बावजूद रिहा किए जाने के आरोप में की गई है। उत्तर प्रदेश जेल प्रशासन एवं सुधार सेवा मुख्यालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बांदा जिला जेल में बंद विचाराधीन कैदी रवि काना को 29 जनवरी को रिहा कर दिया गया, जबकि जेल अधिकारियों को जानकारी थी कि उसे वारंट-बी पर तलब किया गया है।

जेलर विक्रम सिंह यादव को निलंबित
बयान में कहा गया है कि बांदा जेल अधीक्षक द्वारा प्रस्तुत प्राथमिक जांच रिपोर्ट के आधार पर जेलर विक्रम सिंह यादव को निलंबित कर दिया गया है और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है। इसमें कहा कि मामले की विस्तृत जांच प्रयागराज के उप महानिरीक्षक (जेल) द्वारा की जा रही है। यह कार्रवाई नोएडा की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) अदालत द्वारा बांदा जेल अधीक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने के एक दिन बाद की गई।

आरोपी का न्यायिक हिरासत में रहना आवश्यक
यह नोटिस रवि काना की रिहाई के संबंध में जारी किया गया था, जबकि गौतम बुद्ध नगर के दनकौर थाने में दर्ज एक मामले में आरोपी का न्यायिक हिरासत में रहना आवश्यक था। अधिकारियों के अनुसार, रवि काना एक स्क्रैप व्यापारी है, जिस पर जबरन वसूली की आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है। उसे 2024 में उत्तर प्रदेश गिरोहबंद और समाज विरोधी क्रियाकलाप(निवारण) अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया था।

रवि काना की संभावित ठिकानों पर छापेमारी की में जुटी पुलिस 
प्रशासनिक कारणों से उसे अगस्त 2024 में बांदा जेल स्थानांतरित किया गया था और इसी सप्ताह की शुरुआत में उसे डिजिटल माध्यम से नोएडा की अदालत में पेश किया गया था। रवि काना की रिहाई के बाद पुलिस ने उसकी तलाश के लिए कई टीम गठित की हैं और संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।

 

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