Edited By Tamanna Bhardwaj,Updated: 28 Sep, 2020 12:55 PM

बाबरी विध्वंस (Babri Demolition Case) मामले में सीबीआई की स्पेशल कोर्ट (CBI Special Court) 30 सितंबर को अपना फैसला सुनाएगी। इसके पहले ही राम मंदिर आंदोलन (Ram temple protest) से जुड़े पूर्व सांसद डाॅ. राम विलास वेदांती (Dr. Ram Vilas Vedanti) ने...
अयोध्याः बाबरी विध्वंस (Babri Demolition Case) मामले में सीबीआई की स्पेशल कोर्ट (CBI Special Court) 30 सितंबर को अपना फैसला सुनाएगी। इसके पहले ही राम मंदिर आंदोलन (Ram temple protest) से जुड़े पूर्व सांसद डाॅ. राम विलास वेदांती (Dr. Ram Vilas Vedanti) ने आत्मसमर्पण (surrender) करने का ऐलान किया है। वेदांती ने कहा कि यदि कोर्ट इस मामले में उन्हें उम्रकैद या फांसी की सजा भी देती है तो उन्हें मंजूर होगा। उन्होंने कहा कि 30 सितंबर को लखनऊ के सीबीआई कोर्ट में हाजिर होने के लिए कहा गया है। कोर्ट पहुंचकर वह आत्मसमर्पण के लिए तैयार हैं। कोर्ट का जो भी फैसला होगा वह हमें मंजूर होगा।
वेदांती ने कहा कि इस मामले पर कोर्ट में हुई पेशी के दौरान रमियान उन्होंने अपना जवाब दिया है। कोर्ट ने उनसे पूछा था कि ढांचा गिराए जाने के बाद क्या देखा। इस पर रामविलास दास वेदांती ने न्यायालय को उत्तर दिया है कि ढांचे पर भगवान श्री राम विराजमान थे और ढांचा खंडहर हो गया था, जो कभी भी गिरकर रामलला के विग्रह को क्षति पहुंचा सकता था. इसलिए उस मंदिर के खंडहर को तुड़वाया, जिसे तोड़ने वाले देश के लाखों राम भक्त थे।
रामविलास दास वेदांती का दावा है कि सभी राम भक्तों के मन में मंदिर निर्माण करने की इच्छा थी, जिसकी पूर्ति लोगों ने की. उस स्थान पर कोई मस्जिद नहीं थी, क्योंकि सन 1968 में जब से मैं आया हूं उस स्थान पर किसी को नमाज पढ़ते नहीं देखा। वेदांती ने कहा कि हमें इसका गर्व है कि उस मंदिर के खंडहर को हमने तुड़वाया है, जिसकी जिम्मेदारी भी मैंने ली है और 30 सितंबर को आने वाले फैसले का स्वागत करेंगे। इस फैसले में यदि हमें उम्रकैद या फांसी की सजा भी होती है तो इससे बड़ा सौभाग्य नहीं होगा। 30 सितंबर को कोर्ट में हाजिर होने का निर्देश दिया गया है, इसलिए 30 सितंबर को 10:00 बजे कोर्ट में हाजिर रहूंगा।