होली पर बोले सीएम योगी - मर्यादा, भक्ति और समरसता ही सनातन धर्म की ताकत

Edited By Ramkesh,Updated: 04 Mar, 2026 06:02 PM

cm yogi said on holi  decency devotion and harmony are the strength of sanatan

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि मानवमात्र के जीवन में मर्यादा, जीवंतता, भक्ति और समरसता ही सनातन धर्म की ताकत है। इस परिप्रेक्ष्य में उत्तर प्रदेश के लोगों को गर्व की अनुभूति करनी चाहिए कि मर्यादा, शाश्वत चेतना की जीवंतता, भक्ति का उल्लास और...

गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि मानवमात्र के जीवन में मर्यादा, जीवंतता, भक्ति और समरसता ही सनातन धर्म की ताकत है। इस परिप्रेक्ष्य में उत्तर प्रदेश के लोगों को गर्व की अनुभूति करनी चाहिए कि मर्यादा, शाश्वत चेतना की जीवंतता, भक्ति का उल्लास और समरसता का भान कराने वाले सभी प्रमुख विरासत स्थल इस प्रदेश में हैं।  योगी ने बुधवार को होली के पावन महापर्व पर घंटाघर से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ एवं होलिकोत्सव समिति की ओर से निकाली गई 'भगवान नृसिंह की रंगभरी शोभायात्रा' के शुभारंभ अवसर पर उपस्थित विशाल जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। 

 

अयोध्या हमें जीवन में मर्यादा का अहसास कराती है
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश भारत की आत्मा है। यहां भगवान श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या हमें जीवन में मर्यादा का अहसास कराती है। महादेव की नगरी काशी जीवन की शाश्वत चेतना अर्थात जीवंतता का प्रतीक है। भगवान कृष्ण की नगरी मथुरा-वृंदावन भक्ति के आनंद की धरा हैं। उन्होंने कहा कि प्रयागराज में मां गंगा, यमुना और सरस्वती की त्रिवेणी समरसता का अहसास कराती है, जहां बिना भेदभाव समाज के हर एक तबके के लोग आस्था की डुबकी लगाते हैं। यह उन लोगों के लिए एक सबक भी है, जो प्रदेश में जातिवाद, भेदभाव और छुआछूत का शोर मचाते हैं।

 

क्षुद्र बुद्धि के लोगों ने समाज को कमजोर करने का स्वांग रचे थे
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ क्षुद्र बुद्धि के लोगों ने समाज को कमजोर करने के लिए इस प्रकार के स्वांग रचे थे। हमें भारत को मजबूत बनाने के लिए कार्य करने हैं, विकसित भारत की संकल्पना के साथ खुद को जोड़ना है।‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत'के भाव को अपने जीवन का हिस्सा बनाना है। योगी ने कहा कि इस वर्ष होली का पर्व हमारे लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि यह दुनिया के सबसे बड़े सांस्कृतिक संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का शताब्दी वर्ष है। यह ऐसा संगठन है, जिसके सानिध्य में लाखों कार्यकर्ताओं ने सनातन धर्म की परंपरा और भारत की एकता-अखंडता के लिए अपना संपूर्ण जीवन होम कर दिया है। जीवन में अनुशासन का महत्व क्या होता है, यह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से सीखा जा सकता है। 

जब पूरी दुनिया में अव्यवस्था, अशांति है तो उमंग के साथ पर्व का आनंद ले रहे हैं 
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत माता को परम वैभव पर पहुंचाने के लिए संकल्पित होकर कार्य कर रहे यशस्वी संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर सभी भारतवासियों को गौरव की अनुभूति होती है। उन्होंने कहा कि होली का यह पर्व हम भारत में ऐसे समय में आयोजित कर रहे हैं, जब पूरी दुनिया में अव्यवस्था, अशांति और अराजकता का वातावरण है पर, भारत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के यशस्वी नेतृत्व में उत्साह एवं उमंग के साथ इस पर्व का आनंद ले रहा है। योगी ने कहा कि कहीं कोई भय नहीं, कहीं अराजकता नहीं, कहीं अविश्वास नहीं। सब जगह‘सत्यमेव जयते'का भाव और‘जहां धर्म वहीं जय'की गूंज। यह भाव हमारा सनातन वाक्य है और इसकी गूंज सर्वत्र सुनाई दे रही है।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक रमेश जी ने कहा कि 81 वर्ष पूर्व नानाजी देशमुख द्वारा गोरखपुर में शुरू की गई इस रंगभरी शोभायात्रा ने पूरे देश को व्यापक संदेश दिया है। इसमें गोरक्षपीठ की भी महत्वपूर्ण भागीदारी और भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि गोरक्षपीठ समरसता, आत्मीयता, राष्ट्रीयता और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है। गोरक्षपीठाधीश्वर एवं सीएम योगी के नेतृत्व में प्रदेश का तीव्र विकास हो रहा है और इसमें गोरखपुर का विकास विशेष रूप से उल्लेखनीय है। मंच से लोगों को होली की बधाई एवं शुभकामनाएं देने के बाद मुख्यमंत्री ने भगवान नृसिंह का पूजन कर विधि विधान से उनकी आरती उतारी। उन्हें नारियल, गुझिया के साथ फूल, रंग, अबीर-गुलाल अर्पित किया।
 

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