Edited By Anil Kapoor,Updated: 29 Jan, 2026 07:21 AM

Ayodhaya News: अयोध्या के भदरसा क्षेत्र से जुड़े चर्चित नाबालिग दुष्कर्म मामले में बुधवार को अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया। पॉक्सो एक्ट की विशेष न्यायाधीश निरुपमा विक्रम की अदालत ने समाजवादी पार्टी से जुड़े नेता मोईद खान को सभी आरोपों से बाइज्जत...
Ayodhaya News: अयोध्या के भदरसा क्षेत्र से जुड़े चर्चित नाबालिग दुष्कर्म मामले में बुधवार को अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया। पॉक्सो एक्ट की विशेष न्यायाधीश निरुपमा विक्रम की अदालत ने समाजवादी पार्टी से जुड़े नेता मोईद खान को सभी आरोपों से बाइज्जत बरी कर दिया। यह फैसला करीब छह महीने से ज्यादा समय से चल रहे हाई-प्रोफाइल मुकदमे का अहम पड़ाव माना जा रहा है।अदालत ने 14 जनवरी को अंतिम सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया था। बुधवार को दोपहर 3:30 बजे मोईद खान को कोर्ट में पेश किया गया, जिसके बाद न्यायालय ने उन्हें सभी धाराओं से दोषमुक्त घोषित कर दिया।
क्या था मामला?
यह केस 29 जुलाई 2024 को थाना पूराकलंदर में दर्ज हुआ था। शिकायत में 12 वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग के आरोप लगाए गए थे। आरोप था कि अश्लील वीडियो बनाकर लंबे समय तक शोषण किया गया। मामला तब सामने आया जब पीड़िता गर्भवती पाई गई। पीड़िता की मां ने बेकरी संचालक मोईद खान और उनके नौकर राजू खान के खिलाफ शिकायत दी थी। दोनों को गिरफ्तार किया गया था। पीड़िता चार बहनों में सबसे छोटी है। पिता का दो वर्ष पहले निधन हो चुका था और परिवार मजदूरी कर जीवन यापन करता है।
जांच में क्या सामने आया?
जांच के दौरान दोनों आरोपियों के डीएनए सैंपल लिए गए। अदालत में पेश रिपोर्ट के अनुसार:
मोईद खान का डीएनए सैंपल मेल नहीं खाया (नेगेटिव)
राजू खान का डीएनए सैंपल मेल खा गया (पॉजिटिव)
अभियोजन पक्ष ने पीड़िता के समर्थन में 13 गवाह पेश किए, लेकिन अदालत ने सभी साक्ष्यों, गवाहियों और जांच रिपोर्ट का विस्तार से परीक्षण करने के बाद मोईद खान को दोषमुक्त करार दिया।
बरी होने के प्रमुख कारण
अदालत में ये बातें अहम रहीं:
- डीएनए रिपोर्ट में मोईद खान की संलिप्तता साबित नहीं हुई
- घटना का वीडियो बनाए जाने का दावा किया गया, लेकिन कोई वीडियो साक्ष्य पेश नहीं हुआ
- घटनास्थल को लेकर जांच में विरोधाभास रहे — कभी बेकरी के बाहर, कभी अंदर घटना बताई गई
- पीड़िता की मां ने अदालत में बयान दिया कि मुकदमा राजनीतिक दबाव में दर्ज कराया गया था
राजू खान पर क्या स्थिति?
मोईद खान के नौकर राजू खान के खिलाफ मुकदमा जारी है। अदालत ने उसकी सुनवाई गुरुवार के लिए तय की है और सजा सुनाए जाने की संभावना जताई जा रही है।
वकीलों की प्रतिक्रिया
बचाव पक्ष के वकील सईद खान ने कहा कि अदालत ने तथ्यों और सबूतों के आधार पर निष्पक्ष फैसला दिया है। उनके अनुसार, जांच में शुरू से ही कई विरोधाभास थे। वहीं विशेष लोक अभियोजक वीरेंद्र कुमार ने कहा कि इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी जाएगी।
बुलडोजर कार्रवाई भी रही चर्चा में
मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने मोईद खान की बेकरी और दो मंजिला कॉम्प्लेक्स पर बुलडोजर कार्रवाई की थी, जिससे राजनीतिक विवाद भी खड़ा हुआ था। अब अदालत के फैसले के बाद उनके समर्थकों में राहत देखी जा रही है।
पूरी टाइमलाइन
तारीख घटनाक्रम
29 जुलाई 2024 FIR दर्ज
30 जुलाई 2024 दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी
1 अगस्त 2024 मामला विधानसभा में उठा
3 अगस्त 2024 बेकरी पर बुलडोजर कार्रवाई
6 अगस्त 2024 KGMU में पीड़िता का मेडिकल, भ्रूण का डीएनए सैंपल
7 अगस्त 2024 आरोपियों के डीएनए सैंपल
30 सितंबर 2024 डीएनए रिपोर्ट कोर्ट में पेश
जनवरी 2026 मोईद खान बाइज्जत बरी
अब आगे क्या?
मोईद खान को राहत मिल गई है, लेकिन सह-आरोपी राजू खान के मामले में फैसला आना बाकी है। साथ ही अभियोजन पक्ष हाईकोर्ट जाने की तैयारी में है। यह केस न्यायिक प्रक्रिया, जांच की गुणवत्ता और राजनीतिक प्रभाव जैसे मुद्दों पर चर्चा का विषय बना हुआ है।