Edited By Anil Kapoor,Updated: 29 Jan, 2026 09:21 AM

Raebareli News: एक बार फिर गांधी परिवार मुश्किलों में घिर गया है। इस बार आरोप है सरकारी दस्तावेजों में हेराफेरी और कूटरचित कागजात तैयार करने का। पांजा फाउंडेशन ने बुधवार को एमपी-एमएलए कोर्ट में एक अर्जी दाखिल की। अर्जी में सांसद राहुल गांधी, पूर्व...
Raebareli News: एक बार फिर गांधी परिवार मुश्किलों में घिर गया है। इस बार आरोप है सरकारी दस्तावेजों में हेराफेरी और कूटरचित कागजात तैयार करने का। पांजा फाउंडेशन ने बुधवार को एमपी-एमएलए कोर्ट में एक अर्जी दाखिल की। अर्जी में सांसद राहुल गांधी, पूर्व सांसद सोनिया गांधी, सांसद प्रियंका गांधी, सांसद केएल शर्मा समेत कुल 45 लोगों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए गए हैं। फाउंडेशन के प्रदेश अध्यक्ष बृजेंद्र शरण गांधी और उपाध्यक्ष लाखन सिंह ने मामले में FIR दर्ज करने की मांग की है।
मामले का क्या है आधार?
आरोप है कि गांधी परिवार और अन्य अधिकारियों ने सरकारी दस्तावेजों में हेराफेरी कर एक स्कूल को CBSE बोर्ड से मान्यता दिलाई। शिकायतकर्ताओं ने तहसीलदार अनिल पाठक के पत्र का हवाला दिया है। पत्र में कहा गया कि जिस जमीन पर स्कूल बना, उसका लैंड सर्टिफिकेट तहसील से जारी नहीं हुआ था। बृजेंद्र शरण गांधी ने बताया कि इस मामले की शिकायत प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री तक भेजी जा चुकी है, लेकिन जांच अधिकारियों ने इसे पुलिस विभाग का विषय न मानकर बंद कर दिया।
कोर्ट और पुलिस की कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए, बुधवार को विशेष न्यायाधीश डा. विवेक कुमार ने कोतवाली पुलिस से मामले की आख्या (रिपोर्ट) तलब की है। सीओ अरुण कुमार नौहवार ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी अभी नहीं है, लेकिन रिपोर्ट आने के बाद जवाब दिया जाएगा।
अब आगे क्या होगा?
अब पुलिस की रिपोर्ट और जांच के आधार पर कोर्ट यह तय करेगी कि गांधी परिवार और अन्य आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की जाए या नहीं। यह मामला सरकारी कागजातों में हेराफेरी और शिक्षा संस्थाओं की मान्यता से जुड़ा विवाद बन गया है।