Edited By Ramkesh,Updated: 22 Feb, 2026 07:55 PM

उत्तर प्रदेश ने वर्ष 2025 में बौद्ध आस्था और विरासत के केंद्र के रूप में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। राज्य के बौद्ध सर्किट के जरिए लगभग 82 लाख पर्यटकों ने पवित्र स्थलों का भ्रमण किया, जिनमें 4.40 लाख से अधिक विदेशी पर्यटक शामिल रहे। पर्यटन एवं...
लखनऊ: उत्तर प्रदेश ने वर्ष 2025 में बौद्ध आस्था और विरासत के केंद्र के रूप में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। राज्य के बौद्ध सर्किट के जरिए लगभग 82 लाख पर्यटकों ने पवित्र स्थलों का भ्रमण किया, जिनमें 4.40 लाख से अधिक विदेशी पर्यटक शामिल रहे। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश का पर्यटन क्षेत्र नई ऊंचाइयों को छू रहा है और उत्तर प्रदेश वैश्विक बौद्ध आस्था का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है।
कुशीनगर में विदेशी पर्यटकों की रिकॉर्ड आमद
कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय बौद्ध पर्यटन के प्रमुख आकर्षण के रूप में सामने आया है। वर्ष 2025 में यहां 2.90 लाख से अधिक विदेशी पर्यटक पहुंचे।
इसके मुकाबले 2024 में 2.51 लाख, 2023 में 2.14 लाख और 2022 में 41 हजार से अधिक विदेशी श्रद्धालु यहां आए थे।
वर्ष दर वर्ष बढ़ता पर्यटन
प्रदेश के छह प्रमुख बौद्ध स्थलों— सारनाथ, कपिलवस्तु, श्रावस्ती, संकिसा, कौशांबी और कुशीनगर — पर पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
2025: 82 लाख (4.40 लाख विदेशी)
2024: 61 लाख (3.50 लाख विदेशी)
2023: 47 लाख (2.50 लाख विदेशी)
2022: 22.40 लाख (48 हजार विदेशी)
सारनाथ बनेगा ‘एक्सपेरिमेंटल कल्चर डेस्टिनेशन’
केंद्रीय बजट 2026-27 में सारनाथ को देश के 15 प्रमुख पुरातात्विक स्थलों में शामिल कर ‘एक्सपेरिमेंटल कल्चर डेस्टिनेशन’ के रूप में विकसित करने की घोषणा की गई है।
एशियाई देशों से बढ़ी आस्था
श्रीलंका, थाईलैंड, म्यांमार, कंबोडिया, लाओस, वियतनाम और दक्षिण कोरिया जैसे बौद्ध बहुल देशों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उत्तर प्रदेश पहुंच रहे हैं। पर्यटन विभाग इन देशों के लिए नियमित फैम ट्रिप और अंतरराष्ट्रीय प्रचार कार्यक्रम आयोजित कर रहा है।