'उत्तर प्रदेश बॉटम-3 से टॉप-3 राज्यों में हुआ शामिल', CM Yogi ने विधानसभा में गिनाईं उपलब्धियां, बोले- 10वां बजट पेश कर रचा इतिहास

Edited By Purnima Singh,Updated: 20 Feb, 2026 07:25 PM

cm yogi said history was created by presenting the 10th budget

उत्तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को विधानसभा में कहा कि प्रदेश के इतिहास में पहली बार किसी मुख्‍यमंत्री को 10वां बजट प्रस्तुत करने का अवसर मिला है। योगी ने नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय और अन्‍य सदस्‍यों की बजट संबंधी...

लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को विधानसभा में कहा कि प्रदेश के इतिहास में पहली बार किसी मुख्‍यमंत्री को 10वां बजट प्रस्तुत करने का अवसर मिला है। योगी ने नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय और अन्‍य सदस्‍यों की बजट संबंधी चर्चा के जवाब में बजट सत्र के अंतिम दिन कहा, "यह बजट हमारे लिए इसलिए महत्वपूर्ण है कि प्रदेश के इतिहास में किसी मुख्‍यमंत्री को 10वां बजट प्रस्तुत करने का अवसर मिला है, यह पहली बार हुआ है।" वर्ष 2017 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्‍ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सरकार का नेतृत्व योगी आदित्यनाथ ने संभाला और वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में लगातार दूसरी बार उन्‍होंने मुख्‍यमंत्री पद की शपथ ली। 

योगी सरकार ने विधानसभा में 11 फरवरी को लगातार 10वां बजट पेश किया था। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने राज्य विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 9.13 लाख करोड़ रुपये का बजट बुधवार को पेश किया, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में करीब 12.2 प्रतिशत अधिक है। योगी ने अपने भाषण की शुरुआत करते हुए कहा, "कई वर्षों बाद बजट सत्र दो सप्‍ताह की यात्रा पूरी कर समापन की ओर बढ़ रहा है और आपने (विधानसभा अध्यक्ष) जिस कुशलता के साथ इस सत्र को संचालित किया, या फिर बजट के मुद्दे पर जो चर्चाएं थी, उन सभी मुद्दों पर जो रुचि सदस्‍यों ने दिखाई वह अत्‍यंत ही सार्थक रही।" 

उन्होंने कहा, "मैं सदस्यों को बधाई देता हूं कि जिस तरह लोकतंत्र की सशक्तिकरण का शंखनाद उप्र की विधानसभा के माध्‍यम से दिया है, इसके लिए सभी का हृदय से अभिनंदन है।" नेता सदन ने कहा, "मैं धन्‍यवाद दूंगा कि मेरे सहयोगी (वित्‍त व संसदीय कार्यमंत्री) सुरेश कुमार खन्‍ना ने जो बजट प्रस्‍तुत किया उसफ्र नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय और वरिष्‍ठ सदस्‍य शिवपाल सिंह यादव का वक्‍तव्‍य सुना और वरिष्ठ सदस्यों ने भाग लिया।" मुख्‍यमंत्री ने कहा, "सदस्यों ने यह साबित किया कि वास्‍तव में लोकतंत्र की सर्वोच्‍च संस्‍था के रूप में विधायिका अपनी जिम्‍मेदारियों का निर्वहन कर रहा है और समस्‍याओं के समाधान का रास्‍ता संवाद हो सकता है।" 


 

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