Edited By Anil Kapoor,Updated: 22 Feb, 2026 03:02 PM

Banda News: उत्तर प्रदेश के बांदा जिले से मानवता को शर्मसार करने वाला एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हड़कंप मचा दिया था। सीबीआई (CBI) की विशेष पॉक्सो कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए पूर्व जूनियर इंजीनियर रामभवन और....
Banda News: उत्तर प्रदेश के बांदा जिले से मानवता को शर्मसार करने वाला एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हड़कंप मचा दिया था। सीबीआई (CBI) की विशेष पॉक्सो कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए पूर्व जूनियर इंजीनियर रामभवन और उसकी पत्नी दुर्गावती को मौत की सजा सुनाई है। इन दोनों ने मिलकर 33 मासूम बच्चों की जिंदगी को नर्क बना दिया था और उनके शोषण का वीडियो डार्क वेब के जरिए विदेशों में बेचते थे।
इंटरपोल के इनपुट से खुला मौत का खेल
इस केस का खुलासा तब हुआ जब इंटरपोल और अंतरराष्ट्रीय जांच एजेंसियों ने भारत को अलर्ट भेजा। जांच में सामने आया कि चित्रकूट और बांदा के इलाके से बच्चों से जुड़ी बेहद आपत्तिजनक सामग्री इंटरनेट पर अपलोड की जा रही है। जब सीबीआई ने रामभवन के ठिकानों पर छापेमारी की, तो एक पेनड्राइव मिली जिसने जांच अधिकारियों के भी होश उड़ा दिए। एक पेनड्राइव में 679 ऐसी तस्वीरें और वीडियो थे, जिन्हें देखकर रूह कांप जाए। आरोपी 2010 से 2020 के बीच सक्रिय था। उसने करीब 2 लाख से ज्यादा फाइलें दुनिया के 47 देशों में भेजी थीं।
कैसे बनाया जाता था शिकार?
आरोपी रामभवन एक सरकारी विभाग में जूनियर इंजीनियर था, इसलिए उस पर कोई जल्दी शक नहीं करता था। वह 3 से 10 साल तक के मासूम बच्चों को चॉकलेट, मोबाइल गेम और छोटे-छोटे गिफ्ट्स का लालच देता था। पहले वह बच्चों का भरोसा जीतता, फिर उनका यौन शोषण करता और उसकी रिकॉर्डिंग करता। डरावनी बात यह है कि उसकी पत्नी दुर्गावती इस घिनौने कृत्य में उसका पूरा साथ देती थी।
मेडिकल रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे
जब पीड़ित बच्चों का मेडिकल कराया गया, तो डॉक्टरों की आंखें भर आईं। लंबे समय तक शोषण के कारण कई बच्चों के अंगों की संरचना तक बदल गई थी। कई मासूमों को महीनों अस्पताल में रहना पड़ा। उनके मन पर जो घाव लगे, वे शायद कभी नहीं भर पाएंगे।
कोर्ट का फैसला: 'रेयरेस्ट ऑफ रेयर'
CBI ने कोर्ट में 74 गवाह और डिजिटल फोरेंसिक सबूत पेश किए। जज ने इस मामले को 'अत्यंत जघन्य' मानते हुए इसे 'रेयरेस्ट ऑफ रेयर' श्रेणी में रखा। पति और पत्नी दोनों को फांसी की सजा। 12 लाख रुपये का जुर्माना। कोर्ट ने सरकार को हर पीड़ित बच्चे को 10-10 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है।