Edited By Ramkesh,Updated: 17 Feb, 2026 08:33 PM

इंदौर के द्वारकापुरी में MBA छात्रा का शव नग्न हालत में दोस्त के कमरे में मिला था। शव को देखकर महिला पुलिसकर्मी भी अपने आसू नहीं रोक पाई थी। लेकिन आरोपी छात्रा के दोस्त यानी आरापी पीयूष धनोतिया को पुलिस ने मुंबई से गिरफ्तार कर लिया है।
यूपी डेस्क: इंदौर के द्वारकापुरी में MBA छात्रा का शव नग्न हालत में दोस्त के कमरे में मिला था। शव को देखकर महिला पुलिसकर्मी भी अपने आसू नहीं रोक पाई थी। लेकिन आरोपी छात्रा के दोस्त यानी आरापी पीयूष धनोतिया को पुलिस ने मुंबई से गिरफ्तार कर लिया है।
आरोपी ने पूछताछ में बेहद सनसनीखेज खुलासे किए हैं। अरोपी ने बताया सबसे पहले उसने मेडिकल स्टोर से सेक्स पॉवर दवाई खरीदी। उसे खाकर छात्रा को रूम में ले गया। उस पर फिजिकल रिलेशन का दबाव बनाया। लेकिन वह नहीं मान रही थी उसने तबीयत खराब बताकर ऐसा करने से मना कर दिया। उसके बाद आरोपी दोस्ता ने उसके छात्रा के हाथ–पैर बांध दिए, आंखों पर पट्टी बांधी। फिर गला दबाकर हत्या कर दी। मर्डर करने के बाद आरोपी ने लाश के साथ भी रेप किया। उसके बाद वहां से आरोपी फरार हो गया।
छात्रा से शादी के लिए तैयार नहीं था परिवार
दरअसल, पीयूष के परिवारवाले उस छात्रा से शादी के लिए तैयार नहीं थे। छात्रा को ये बात पता चली तो उसने 15 दिन से बातचीत बंद कर दी थी। इसी से पीयूष परेशान था और सबकुछ खत्म करने का ठान लिया था। पीयूष ने अपने बयान में ये भी कहा है कि वो अब अपने घरवालों से भी मिलना नहीं चाहता।
किए बेहद हैरान कर देने वाले खुलासे
पीयूष ने बताया कि वह नशे का आदि था। उसका छात्रा से शादी को लेकर झगड़ा चल रहा था। आरोपी ने उसके फोन में बैटिंग चैटिंग ऐप देखी थी, इसके बाद उसे लगने लगा कि वह किसी और से बात करती है और उसे धोखा दे रही है। मृतका उससे शादी नहीं करना चाहती थी लेकिन वह उसे जबरदस्ती बुलाता था और उससे संबंध बनाता था। उसने छात्रा को मारने का प्लान 15 दिन पहले ही बना लिया था। वारदात के दिन उसने गिफ्ट देने के बहाने उसके हाथ पैर बांधें और गला दबाकर हत्या कर दी। फिर शव के पास बैठकर नशा किया और शव के साथ दरिंदगी की। इसके बाद शव को नग्न हालत में ही कंबल से ढक कर वहां से फरार हो गया।
घरवालों को भेजे अश्लील मैसेज
हत्या के बाद उसने मृतका के फोन से कॉलेज के ग्रुप्स और उसके परिजनों को अश्लील मैसेज भेजे। साथ ही व्हट्स ऐप पर भी अश्लील स्टेटस लगाए। फिर वहां से मुंबई जाने का प्लान किया।
हत्या के बाद भागने की प्लानिंग
पुलिस के मुताबिक, पीयूष ने बताया कि वारदात के बाद आरोपी सीधे स्टेशन पहुंचा। उसने अपना सिम कार्ड तोड़कर फेंक दिया और नई सिम लेकर मुंबई के लिए रवाना हो गया। मुंबई पहुंचकर वह एक लॉज में ठहरा और कुछ समय तक वहीं छिपा रहा। दो दिन बाद उसे सोशल मीडिया के जरिए पता चला कि इंदौर स्थित उसके कमरे से छात्रा का शव बरामद हो गया है।
हर 100 किमी पर बदलता था ट्रेन
पुलिस को चकमा देने के लिए आरोपी ने तकनीकी ट्रैकिंग से बचने की कोशिश की। बताया गया है कि वह छात्रा का मोबाइल मुंबई में ऑन करता और किसी ट्रेन में बैठ जाता। करीब 100 किलोमीटर बाद ट्रेन बदल देता था, ताकि लोकेशन लगातार बदलती रहे और पुलिस भ्रमित हो जाए। लेकिन साइबर ट्रैकिंग और तकनीकी विश्लेषण के जरिए इंदौर पुलिस ने उसे मुंबई के अंधेरी स्टेशन के ब्रिज के पास से पकड़ लिया।
रिमांड पर पूछताछ जारी
मुंबई से गिरफ्तारी के बाद इंदौर पुलिस आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर आई है। कोर्ट की अनुमति से उसे तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस अब हत्या की सटीक परिस्थितियों, सबूतों और आरोपी की मानसिक स्थिति से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है। आरोपी ने यह भी बताया कि उसे मुंबई में छात्रा की याद सताने लगी। उसने वहां आत्मा से बात करने के लिए टोटका भी किया। उसने यू ट्यूब से आत्मा से बात करना सीखा। उसके लिए पूजा का सामान भी खरीदा और नाला सोपारा इलाके में बैठकर टोटका भी किया।
जांच के अहम बिंदु
मामले में डिजिटल सबूत, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और लोकेशन ट्रैकिंग महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी को किसी ने मदद तो नहीं की। फिलहाल पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है और आगे की कार्रवाई सबूतों के आधार पर की जाएगी। यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि अपराध के बाद तकनीकी चालें चलने के बावजूद कानून के हाथ लंबे होते हैं।