Edited By Anil Kapoor,Updated: 31 Jan, 2026 10:29 AM

Varanasi News: इस साल होली के पर्व की तारीख को लेकर लोगों में भ्रम की स्थिति बनी हुई थी। इसकी बड़ी वजह 3 मार्च 2026 को पड़ने वाला चंद्रग्रहण है। ज्योतिषीय गणनाओं और शास्त्रीय मान्यताओं के आधार पर अब स्पष्ट किया गया है कि होलिका दहन 2 मार्च को......
Varanasi News: इस साल होली के पर्व की तारीख को लेकर लोगों में भ्रम की स्थिति बनी हुई थी। इसकी बड़ी वजह 3 मार्च 2026 को पड़ने वाला चंद्रग्रहण है। ज्योतिषीय गणनाओं और शास्त्रीय मान्यताओं के आधार पर अब स्पष्ट किया गया है कि होलिका दहन 2 मार्च को किया जाएगा, जबकि रंगों की होली 4 मार्च 2026 को मनाई जाएगी।
2 मार्च की रात होगा होलिका दहन
ज्योतिषाचार्य पंडित दैवज्ञ कृष्ण शास्त्री के अनुसार, फाल्गुन शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि 2 मार्च 2026 को पड़ रही है। शास्त्रों के अनुसार होलिका दहन भद्रा समाप्त होने के बाद या भद्रा पुच्छ काल में करना शुभ माना जाता है। उन्होंने बताया कि इस बार होलिका दहन का सबसे उत्तम मुहूर्त रात 12:50 बजे से 2:02 बजे के बीच रहेगा। इसी समय विधि-विधान से होलिका दहन करना शुभ फलदायक होगा।
3 मार्च को चंद्रग्रहण, इसलिए उस दिन नहीं खेली जाएगी होली
3 मार्च 2026 को फाल्गुन पूर्णिमा के दिन चंद्रग्रहण लग रहा है। जानकारी के अनुसार, चंद्रग्रहण की शुरुआत: दोपहर 3:20 बजे, चंद्रग्रहण मोक्ष: शाम 6:47 बजे, चंद्रोदय: शाम 5:59 बजे। क्योंकि ग्रहण चंद्रोदय से पहले शुरू हो जाएगा, इसलिए भारत में इसका पूरा दृश्य नहीं दिखेगा, केवल मोक्ष काल दिखाई देगा। ग्रहण के कारण सुबह 6:20 बजे से सूतक काल भी शुरू हो जाएगा, जिसे धार्मिक कार्यों के लिए अशुभ माना जाता है।
4 मार्च को मनाई जाएगी रंगों की होली
ज्योतिषाचार्य पंडित वेद प्रकाश मिश्रा के अनुसार, परंपरा में होलिका दहन रात में होता है और अगले दिन रंगोत्सव मनाया जाता है। लेकिन इस बार 3 मार्च को ग्रहण और सूतक काल होने की वजह से उस दिन रंग खेलना उचित नहीं माना गया है। इसी कारण पूरे देश में रंगों की होली 4 मार्च 2026 को मनाई जाएगी।
ग्रहण के बाद होंगे धार्मिक आयोजन
ज्योतिषियों के अनुसार, ग्रहण समाप्त होने के बाद 3 मार्च को चौसठ्ठी देवी यात्रा और पूजन किया जाएगा। शास्त्रों के अनुसार, 4 मार्च को होली खेलना ही धार्मिक रूप से सही और मान्य माना जा रहा है।