'मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना' से बदली लखीमपुर के अनिकेत की तकदीर, बना सफल उद्यमी, कई जिलों से मिल रहे ऑर्डर

Edited By Anil Kapoor,Updated: 01 Apr, 2026 03:49 PM

chief minister s youth self employment scheme changed fate of aniket of lakhimpu

Lucknow News: उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आत्मनिर्भरता और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए चलाई जा रही योजनाएं आज युवाओं के सपनों को पंख देने का काम कर रही हैं। सरकार का लक्ष्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि...

Lucknow News: उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आत्मनिर्भरता और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए चलाई जा रही योजनाएं आज युवाओं के सपनों को पंख देने का काम कर रही हैं। सरकार का लक्ष्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि युवाओं को रोजगार देने वाला बनाना है। योगी सरकार के इसी विजन को साकार करते हुए लखीमपुर खीरी के ग्राम पहाड़ापुर के रहने वाले अनिकेत वर्मा सरकारी योजना के लाभ से सफल युवा उद्यमी बने हैं।

अनिकेत वर्मा के उद्यमी बनने के सफर में सबसे बड़ी भूमिका मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना ने निभाई। इस योजना के तहत उन्हें दिसंबर 2025 में जिला उद्योग एवं उद्यमिता विकास केंद्र के माध्यम से 25 लाख रुपए का ऋण प्राप्त हुआ। इस आर्थिक सहायता ने उनके सपनों को नई उड़ान दी और उन्होंने अपने छोटे स्तर के काम को एक संगठित उद्योग में बदल दिया। उन्होंने अपनी यूनिट में 6 ऑटोमेटिक मशीनें स्थापित की। आज उनकी यूनिट हर महीने ऑर्डर के अनुसार वाशिंग पाउडर का उत्पादन कर रही है। 

उत्पादों को आधा किलो, 1 किलो और 3 किलो की पैकिंग में तैयार किया जाता है, जिससे बाजार की अलग-अलग जरूरतों को पूरा किया जा सके। वे कानपुर से कच्चा माल मंगवाते हैं, उनका वाशिंग पाउडर स्थानीय बाजार में अपनी पहचान बना रहा है। अनिकेत वर्मा केवल खुद आत्मनिर्भर नहीं बने, बल्कि उन्होंने 7 लोगों को रोजगार भी दिया है। प्रोडक्ट की लागत और अन्य खर्चों के बाद अनिकेत की शुद्ध मासिक आमदनी 50 से 60 हजार रुपए है। 

मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना का उद्देश्य प्रदेश के युवाओ को उद्यमशीलता के लिए प्रोत्साहित करने और अन्य के लिए रोजगार का अवसर प्रदान करना है। इस योजना के अंतर्गत राज्य सरकार युवाओं को वित्तीय सहायता उपलब्ध करा रही है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और अपने व्यवसाय का सफलतापूर्वक संचालन कर सकें। योजना के तहत विनिर्माण क्षेत्र में नए उद्योग लगाने के लिए अधिकतम ₹25 लाख तथा सेवा क्षेत्र आधारित व्यवसाय शुरू करने के लिए अधिकतम ₹10 लाख तक का ऋण दिया जाता है। यह ऋण रियायती ब्याज दरों पर उपलब्ध कराया जाता है जो बाज़ार दर से कम है। इस धनराशि का उपयोग प्लांट एवं मशीनरी, कच्चे माल के क्रय, कार्यशील पूंजी और अन्य सम्बंधित खर्चों के लिए किया जा सकता है। इच्छुक व्यक्ति जिला उद्योग एवं उद्यमिता विकास केंद्र के माध्यम से पूर्ण जानकारी लेकर आवेदन कर सकता है।

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