Edited By Ramkesh,Updated: 22 Mar, 2026 07:34 PM

उत्तर प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के जरिए प्रदेश की बेटियां अब प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार अपनी पहचान बना रही हैं। संघ लोकसेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 में इस योजना से जुड़ी तीन अभ्यर्थियों ने सफलता हासिल कर राज्य...
लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के जरिए प्रदेश की बेटियां अब प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार अपनी पहचान बना रही हैं। संघ लोकसेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 में इस योजना से जुड़ी तीन अभ्यर्थियों ने सफलता हासिल कर राज्य का मान बढ़ाया है।
बेटियां बोलीं- मुफ्त कोचिंग और मार्गदर्शन में मिली सफलता
सरकार द्वारा वर्ष 2021 में शुरू की गई इस योजना ने आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली अभ्यर्थियों को मुफ्त कोचिंग और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया है। अब तक एक लाख से अधिक छात्र-छात्राएं इस पहल से जुड़ चुके हैं, जिनमें बड़ी संख्या में बेटियां शामिल हैं। इसी क्रम में गाजियाबाद की मानसी ने सीमित संसाधनों के बावजूद घर पर तैयारी करते हुए 444वीं रैंक हासिल की। झांसी की अदिति सिंह ने 859वीं रैंक प्राप्त की और तैयारी के साथ-साथ अन्य छात्रों को भी मार्गदर्शन देती रहीं।
समर्पण और सही दिशा से बड़े लक्ष्य होते हैं हासिल
वहीं आगरा की तनीषा सिंह ने 930वीं रैंक हासिल कर यह साबित किया कि समर्पण और सही दिशा से बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं। इसके अतिरिक्त लखनऊ की कीर्तिका सिंह, जिन्होंने वर्ष 2022 में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा में 58वीं रैंक प्राप्त कर डिप्टी एसपी पद हासिल किया, भी इस योजना की सफलता का उदाहरण हैं।
अभ्युदय योजना ने युवाओं में बढाया आत्मविश्वास
अभ्युदय से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि अभ्युदय योजना ने न केवल शिक्षा को सुलभ बनाया है, बल्कि युवाओं में आत्मविश्वास भी बढ़ाया है। विशेष रूप से बेटियां अब बड़े लक्ष्य तय कर उन्हें हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।