Edited By Pooja Gill,Updated: 31 Aug, 2025 05:05 PM

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाक़ात की। यह मुलाक़ात कई मायनों में महत्वपूर्ण मानी जा रही है...
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाक़ात की। यह मुलाक़ात कई मायनों में महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि संजय निषाद ने हाल ही में गठबंधन को लेकर काफी तीखा बयान दिया था। हालांकि अभी इस मुलाकात का पूरा ब्योरा नहीं मिल पाया है कि दोनों नेताओं के बीच किस मुद्दे को लेकर बातचीत हुई, लेकिन इस सियासी मुलाकात से लखनऊ में सियासी हलचल तेज हो गई है।
संजय निषाद ने दी थी भाजपा को चुनौती
दरअसल, निषाद पार्टी प्रमुख और उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री संजय निषाद ने भाजपा को चुनौती देते हुए कहा था कि अगर उसे लगता है कि सहयोगी दलों ने 'कोई लाभ नहीं पहुँचाया है' तो वह गठबंधन तोड़ दे। सूत्रों ने बताया कि इस टिप्पणी के बाद, संजय निषाद को उसी रात प्रदेश भाजपा अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी का फोन आया और उन्होंने वादा किया कि दोनों दलों के बीच मतभेद सुलझा लिए जाएंगे। संजय निषाद ने कहा था, ‘‘अगर उन्हें हमारे साथ गठबंधन से कोई फायदा नहीं हो रहा है, तो उन्हें इसे तोड़ देना चाहिए। मैं भाजपा को यह बताना चाहता हूँ। वे छोटे नेताओं का इस्तेमाल करके हम पर अभद्र भाषा में हमला क्यों कर रहे हैं?'

निषाद पार्टी के नेताओं ने ये कहा...
हालाकि निषाद पार्टी के नेताओं ने कहा कि उनके पार्टी प्रमुख की ये टिप्पणी भाजपा के छोटे सहयोगियों चाहे वे मध्य और पूर्वी उत्तर प्रदेश में निषाद, राजभर, या पटेल हों, या पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाट के बीच बढ़ती दूरियों के कारण है। भाजपा दीर्घकालिक द्दष्टि से अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समुदायों के बीच अपना नेतृत्व तैयार कर रही है, जो उनका मुख्य मतदाता आधार हैं। जय प्रकाश निषाद और साध्वी निरंजन ज्योति जैसे भाजपा निषाद नेताओं की आलोचनात्मक टिप्पणियों के कारण निषाद पार्टी की आशंकाएं और बढ़ गई थीं।