Edited By Anil Kapoor,Updated: 23 Feb, 2026 06:43 AM

UP Politics News: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया अखिलेश यादव ने बीते रविवार को एक ऐसा बयान दिया जिसने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। उन्होंने सीधे तौर पर यूपी के दोनों...
UP Politics News: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया अखिलेश यादव ने बीते रविवार को एक ऐसा बयान दिया जिसने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। उन्होंने सीधे तौर पर यूपी के दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक को मुख्यमंत्री पद का ऑफर दे दिया है।
'100 विधायक लाओ और मुख्यमंत्री बन जाओ'
अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि अगर इन दोनों नेताओं की इच्छा मुख्यमंत्री बनने की है, तो सपा उनके समर्थन के लिए तैयार है। अखिलेश ने कहा कि जिन दो लोगों को यूपी का मुख्यमंत्री बनने का मन है, वे अपने साथ 100 विधायक लेकर आएं और मुख्यमंत्री बन जाएं। यह ऑफर सिर्फ एक हफ्ते के लिए वैध है। पहले मैंने सिर्फ केशव प्रसाद मौर्य को यह प्रस्ताव दिया था, लेकिन अब ब्रजेश पाठक भी इस लिस्ट में शामिल हैं। अखिलेश ने चुटकी लेते हुए कहा कि इससे बेहतर मौका उन्हें दोबारा नहीं मिलेगा।
भ्रष्टाचार और विकास के मुद्दों पर घेरा
अखिलेश यादव ने केवल राजनीतिक ऑफर ही नहीं दिया, बल्कि योगी सरकार की कार्यप्रणाली और भ्रष्टाचार के आरोपों पर भी कड़े प्रहार किए। सपा प्रमुख ने कहा कि गोमती नदी का पानी इतना दूषित हो चुका है कि लोग बीमार पड़ रहे हैं। उन्होंने याद दिलाया कि हिंडन नदी को साफ करने की योजना सपा सरकार में शुरू हुई थी, जिसे वर्तमान सरकार ने ठंडे बस्ते में डाल दिया।उन्होंने आरोप लगाया कि बुंदेलखंड से लखनऊ तक बिछाई जा रही अंडरग्राउंड पाइपलाइन असल में भ्रष्टाचार की पाइपलाइन है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि बुलेट ट्रेन की लागत जो पहले 1 करोड़ थी, अब बढ़कर 2 करोड़ हो गई है ।
मुख्यमंत्री के विदेश दौरे पर तंज
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जापान दौरे को लेकर भी अखिलेश ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विकास की बात तो करते हैं लेकिन हकीकत में वे तकनीक और स्टार्टअप्स से कोसों दूर हैं। उन्होंने मजाकिया लहजे में जापान के प्रसिद्ध कुत्तों और रोबोटिक्स का जिक्र करते हुए सरकार की नीतियों को दिशाहीन बताया।