Edited By Ramkesh,Updated: 18 Feb, 2026 06:48 PM

माघ मेला से जुड़े विवाद को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री के बयान के बाद धार्मिक और राजनीतिक हलकों में नई बहस छिड़ गई है। इसी क्रम में ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने तीखी प्रतिक्रिया देते...
प्रयागराज: माघ मेला से जुड़े विवाद को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री के बयान के बाद धार्मिक और राजनीतिक हलकों में नई बहस छिड़ गई है। इसी क्रम में ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए राज्य सरकार और नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाए।
‘समय आने पर सच सामने आएगा’ — शंकराचार्य
शंकराचार्य ने कहा कि समय बीतने दीजिए, एक-एक व्यक्ति बोलेगा कि जो कुछ हुआ वह अत्याचार की सीमा पार करने जैसा था। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए कहा कि गौ और ब्राह्मण पर प्रहार करना सनातन परंपरा के खिलाफ है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि ऐसा आचरण धार्मिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है।
डिप्टी सीएम के बयान का किया समर्थन
शंकराचार्य ने उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के बयान को सनातन धर्म के पक्ष में बताया। उन्होंने कहा कि यह जानकर संतोष हुआ कि कम से कम सरकार का एक नेता इस विषय को समझ रहा है। उनके अनुसार, ब्रजेश पाठक की बातों से ऐसा प्रतीत होता है कि यह मुद्दा लंबे समय से उनके मन में था।
‘अन्याय का फल अवश्य मिलता है’
शंकराचार्य ने कहा कि उनकी दृष्टि में जो कुछ हुआ वह पाप की श्रेणी में आता है और पाप का फल अवश्य मिलता है। उन्होंने कहा कि बड़े पद पर बैठे लोगों को अन्याय करने का अधिकार नहीं होता। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि धार्मिक प्रतीकों का अपमान किया गया, जो सनातन धर्म के विरुद्ध है।
भाजपा के भीतर असंतोष का दावा
शंकराचार्य ने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी के भीतर भी कई नेता इस घटनाक्रम से असहमत हैं। उनका कहना है कि सैकड़ों लोग निजी तौर पर उनसे संपर्क कर चुके हैं और इसे गलत बता चुके हैं, लेकिन खुलकर बोलने की स्थिति में नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भय के आधार पर शासन करना उचित नहीं है और पार्टी को इस मुद्दे पर आत्ममंथन करना चाहिए।
दरअसल, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने शिव पाल यादव के बयान पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को लेकर बयान दे रहे थे इस दौरान उन्होंने कहा कि विवाद दौरान बटुकों की चोटी खींचे महापाप बताया है घटना बेहद निदंनीय है। पाठक ने कहा कि बटुकों की चोटी नहीं खींचनी चाहिए थी, ये तो महापाप है जिन लोगों ने चोटी को छुआ है उन्हें पाप लगेगा इस पूरे मामले में कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।