Edited By Ramkesh,Updated: 12 Feb, 2026 06:15 PM

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) हाल ही में काफी सुर्खियों में रहा, क्योंकि यहां की एक महिला डॉक्टर ने एक पुरुष डॉक्टर पर धर्मांतरण के लिए दबाव डालने और दुष्कर्म का आरोप लगाया था, लेकिन अभी ये मामला ठंडा नहीं...
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) हाल ही में काफी सुर्खियों में रहा, क्योंकि यहां की एक महिला डॉक्टर ने एक पुरुष डॉक्टर पर धर्मांतरण के लिए दबाव डालने और दुष्कर्म का आरोप लगाया था, लेकिन अभी ये मामला ठंडा नहीं पड़ा कि किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में छेड़खानी और यौन उत्पीड़न का एक और मामला सामने आया है। बीते 50 दिनों में यह तीसरा प्रकरण बताया जा रहा है। पीडियाट्रिक विभाग की एमडी छात्रा (रेजिडेंट डॉक्टर) ने विभाग के एडिशनल प्रोफेसर डॉ. संजीव कुमार वर्मा पर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं।
पीड़िता की शिकायत पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जांच कराई, जिसमें आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। इसके बाद आरोपी एडिशनल प्रोफेसर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही, विभाग में उनकी एंट्री पर रोक लगाते हुए उन्हें डीन मेडिसिन कार्यालय से संबद्ध (अटैच) किया गया है।
पीड़ित रेजिडेंट डॉक्टर ने 11 फरवरी को अपने परिजनों के साथ KGMU प्रशासन को लिखित शिकायत दी थी। शिकायत के बाद कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद के निर्देश पर विशाखा समिति गठित की गई, जिसने पीड़िता और आरोपी के बयान दर्ज किए। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में आरोपों की पुष्टि होने पर 12 फरवरी को निलंबन की कार्रवाई की गई।
KGMU के प्रवक्ता डॉ. केके सिंह के अनुसार, घटना के दिन आरोपी ने रेजिडेंट डॉक्टर को किसी कार्य के बहाने अपने चैंबर में बुलाया और कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया। पीड़िता ने तत्काल चैंबर छोड़कर विभाग की महिला फैकल्टी सदस्य को घटना की जानकारी दी, जिसके बाद औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई। प्रशासन का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि कार्यस्थल पर किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता या उत्पीड़न को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।