Edited By Anil Kapoor,Updated: 17 Feb, 2026 10:10 AM

UP Politics News: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने आगामी चुनावों और संगठन की मजबूती के लिए अपनी 'चुनावी टीम' में बड़े बदलाव किए हैं। पार्टी को जमीनी स्तर पर फिर से खड़ा करने के लिए मायावती ने पुराने वफादारों और....
UP Politics News: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने आगामी चुनावों और संगठन की मजबूती के लिए अपनी 'चुनावी टीम' में बड़े बदलाव किए हैं। पार्टी को जमीनी स्तर पर फिर से खड़ा करने के लिए मायावती ने पुराने वफादारों और अनुभवी नेताओं पर भरोसा जताया है। इन नियुक्तियों में उत्तर प्रदेश के महत्वपूर्ण मंडलों से लेकर दूसरे राज्यों तक के प्रभारियों के नाम शामिल हैं।
नौशाद अली को मिला यूपी का 'पावर सेंटर'
बसपा सुप्रीमो ने पूर्व नेता नौशाद अली को उत्तर प्रदेश के चार सबसे महत्वपूर्ण मंडलों का मुख्य प्रभारी नियुक्त किया है, जिनमें शामिल हैं कानपुर, लखनऊ, आगरा और मेरठ। ये चारों मंडल यूपी की राजनीति की दिशा तय करते हैं। नौशाद अली को जिम्मेदारी दी गई है कि वे इन क्षेत्रों में कैडर को सक्रिय करें और दलित-मुस्लिम गठजोड़ को फिर से मजबूत करें।
आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ को 'नेशनल रोल'
पार्टी में वापसी करने वाले पूर्व राज्यसभा सदस्य और आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी भूमिका दी गई है। उन्हें चार राज्यों का मुख्य केंद्रीय प्रभारी बनाया गया है। दिल्ली, छत्तीसगढ़, गुजरात और केरल। अशोक सिद्धार्थ की नियुक्ति को बसपा की राष्ट्रीय पहुंच बढ़ाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
इन दिग्गजों के कंधों पर भी बड़ी जिम्मेदारी
मायावती ने संगठन में ऊर्जा भरने के लिए अन्य राज्यों के प्रभारियों की भी घोषणा की है:-
- उत्तराखंड: पूर्व सांसद गिरीश चंद्र को यहाँ की कमान सौंपी गई है।
- मध्य प्रदेश: वरिष्ठ नेता राजाराम को एमपी का प्रभारी बनाया गया है।
- राजस्थान: सुमरत सिंह को राजस्थान में पार्टी विस्तार की जिम्मेदारी मिली है।
क्या है मायावती की रणनीति?
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि मायावती का यह कदम संगठन में 'नई जान' फूंकने की कोशिश है। अनुभवी नेताओं को आगे करके मायावती कार्यकर्ताओं में यह संदेश देना चाहती हैं कि मेहनत करने वालों की जगह पार्टी में हमेशा सुरक्षित है। यूपी के साथ-साथ दिल्ली, राजस्थान और एमपी जैसे राज्यों पर फोकस करके पार्टी खुद को राष्ट्रीय स्तर पर 'किंगमेकर' की भूमिका में बनाए रखना चाहती है।