Edited By Ramkesh,Updated: 15 Feb, 2026 07:52 PM

उत्तर प्रदेश के बरेली में 26 सितंबर 2025 को हुए बवाल के मामले में चश्मदीद गवाह को कथित तौर पर सुपारी देकर हत्या की साजिश रचने के आरोपियों को हाईकोर्ट से झटका लगा है। आरोपी मोहम्मद साजिद सकलैनी ने एफआईआर निरस्त कराने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल...
बरेली: उत्तर प्रदेश के बरेली में 26 सितंबर 2025 को हुए बवाल के मामले में चश्मदीद गवाह को कथित तौर पर सुपारी देकर हत्या की साजिश रचने के आरोपियों को हाईकोर्ट से झटका लगा है। आरोपी मोहम्मद साजिद सकलैनी ने एफआईआर निरस्त कराने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी, लेकिन सुनवाई के दौरान उसके वकील ने ही याचिका वापस ले ली।
गवाही देने के बाद बढ़ी रंजिश
चक महमूद निवासी फिरदौस खां ने बवाल से जुड़े मामलों में पुलिस की मदद की थी और कई मुकदमों में गवाही भी दी थी। आरोप है कि इसी कारण बवाल के आरोपी पार्षद अनीस सकलैनी उनसे रंजिश रखने लगा। अनीस पहले से ही बवाल के आरोप में जेल में बंद है।
जेल से रची गई हत्या की साजिश का आरोप
एफआईआर के मुताबिक, 18 दिसंबर 2025 को अनीस का बेटा अदनान, साजिद सकलैनी, नदीम खां, बबलू खां, मोबीन कुरैशी, नईम कुरैशी, फैजान कुरैशी, यासमीन और फुरकान ने फिरदौस खां को रास्ते में रोककर धमकाया। आरोप है कि बाद में जेल में बंद अनीस ने अपनी पत्नी यासमीन के साथ मिलकर फिरदौस की हत्या की साजिश रची। मामले की जानकारी मिलने पर फिरदौस ने बारादरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। विवेचना इंस्पेक्टर संजय धीर कर रहे हैं।
पुलिस की कार्रवाई तेज
पुलिस ने इस प्रकरण में पीलीभीत के एक कथित सुपारी किलर गैंगस्टर को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इसी बीच, साजिद सकलैनी उर्फ मोहम्मद साजिद ने एफआईआर रद्द कराने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। सुनवाई के दौरान पुलिस द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों के बाद बचाव पक्ष ने याचिका वापस ले ली। पुलिस सूत्रों के अनुसार, अब साजिद समेत अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की तैयारी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि गवाह की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है और मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ेगी।