Edited By Anil Kapoor,Updated: 16 Feb, 2026 01:01 PM

Bulandshahr News: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने गरीबी और सिस्टम की क्रूरता को बेनकाब कर दिया है। जहां एक शुगर मिल कर्मचारी शरीफ (50 वर्ष) ने आर्थिक तंगी और मिल प्रबंधन के कथित उत्पीड़न से तंग आकर अपने घर में फांसी...
Bulandshahr News: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने गरीबी और सिस्टम की क्रूरता को बेनकाब कर दिया है। जहां एक शुगर मिल कर्मचारी शरीफ (50 वर्ष) ने आर्थिक तंगी और मिल प्रबंधन के कथित उत्पीड़न से तंग आकर अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मरने से पहले लिखे उनके सुसाइड नोट ने पूरे जिले को भावुक कर दिया है।
सुसाइड नोट की वो बातें, जिन्होंने सबको रुला दिया
सोशल मीडिया पर शरीफ का आखिरी खत वायरल हो रहा है। उन्होंने अपनी बेबसी को चंद लाइनों में बयां करते हुए लिखा—
घर में आटा नहीं है, गलती हो गई हो तो माफ कर देना। मेरे परिवार और मेरी लड़कियों का ध्यान रखना। यह लाइनें बताती हैं कि एक पिता किस कदर भूख और मानसिक तनाव से जूझ रहा था कि उसे अपनी जान देना ही आखिरी रास्ता नजर आया।
क्या है पूरा विवाद?
परिजनों के अनुसार, शरीफ शुगर मिल में काम करते थे। आरोप है कि मिल प्रबंधन कामगारों को जबरन पेस्टीसाइड (कीटनाशक) बेचने के लिए देता था। शरीफ पर इसकी कुछ धनराशि बकाया थी। परिजनों का कहना है कि मिल प्रबंधन उस बकाया रकम को जमा करने के लिए शरीफ पर लगातार मानसिक दबाव बना रहा था और उन्हें प्रताड़ित कर रहा था। इसी तनाव और घर की माली हालत खराब होने के चलते उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाया।
शव रखकर प्रदर्शन और समझौता
हादसे के बाद गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने शरीफ के शव को मिल के गेट पर रखकर जोरदार प्रदर्शन किया। मौके पर भारी पुलिस बल और सीओ सिटी प्रखर पांडे पहुँचे। काफी देर तक चले हंगामे और बातचीत के बाद मिल प्रबंधन ने आश्वासन दिए कि पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दी जाएगी। परिवार के एक सदस्य को मिल में सरकारी नियमों के तहत नौकरी मिलेगी।इसके बाद परिजन शांत हुए और पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम और अंतिम संस्कार के लिए भेजने की अनुमति दी।