हथौड़े से मजार तोड़ने का वीडियो वायरल, मलबे को भी साथ ले गए युवक; हिंदू संगठन के नेता पर FIR दर्ज

Edited By Anil Kapoor,Updated: 17 Feb, 2026 01:20 PM

ghaziabad news video of a tomb being demolished with a hammer goes viral

Ghaziabad News: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में एक मजार को तोड़े जाने का सनसनीखेज वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ युवक हथौड़े से मजार के ढांचे को ढहाते और फिर वहां से मलबे को साफ करते नजर आ रहे हैं। मामला संज्ञान में आते...

Ghaziabad News: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में एक मजार को तोड़े जाने का सनसनीखेज वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ युवक हथौड़े से मजार के ढांचे को ढहाते और फिर वहां से मलबे को साफ करते नजर आ रहे हैं। मामला संज्ञान में आते ही गाजियाबाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक नामजद समेत दो लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।

 

क्या है पूरा मामला?
यह घटना गाजियाबाद के कोतवाली थाना क्षेत्र के नवयुग मार्केट (बिहारी नगर) की बताई जा रही है। वीडियो में कुछ युवक हथौड़ों से मजार पर वार कर उसे तोड़ते दिखाई दे रहे हैं। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि युवकों ने न सिर्फ मजार तोड़ी, बल्कि वहां फैले मलबे और ईंटों को भी समेटकर अपने साथ ले गए, ताकि वहां कोई निशान न बचे। वीडियो में दावा किया गया है कि यह मजार सड़क के किनारे या बीच में स्थित थी, जिससे राहगीरों को आने-जाने में दिक्कत होती थी। इसी को आधार बनाकर युवकों ने इसे 'अवैध' बताते हुए हटा दिया।

10 दिन पुरानी घटना, अब एक्शन
पुलिस के अनुसार, यह घटना करीब 10 दिन पहले की है। उस समय मामला शांत था, लेकिन जैसे ही इसका वीडियो इंटरनेट पर वायरल हुआ, इलाके में तनाव की स्थिति को देखते हुए प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया। सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर दो धड़े बंट गए हैं—कोई इसे 'सड़क की सफाई' कह रहा है तो कोई 'धार्मिक भावनाओं को आहत' करने वाला कृत्य।

आदर्श दुबे पर FIR, पुलिस की सख्त कार्रवाई
वीडियो के आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपी की पहचान कर ली है। हिंदू संगठन से जुड़े आदर्श दुबे और उनके एक अज्ञात साथी के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने चौकी प्रभारी अंकित राठौर की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 298 (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना) और 324/4 (शरारत और नुकसान पहुंचाना) के तहत मामला दर्ज किया है।

पुलिस का रुख
गाजियाबाद पुलिस का कहना है कि किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं है। यदि कोई निर्माण अवैध भी था, तो इसकी सूचना नगर निगम या संबंधित विभाग को देनी चाहिए थी। फिलहाल पुलिस वीडियो की गहराई से जांच कर रही है ताकि घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा सके।

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