Edited By Anil Kapoor,Updated: 05 Apr, 2026 12:25 PM

Prayagraj News: मिडिल ईस्ट में जारी जंग का असर अब आम लोगों की जेब पर साफ दिखने लगा है। खासकर शिक्षा के नए सत्र की शुरुआत के साथ ही छात्रों और अभिभावकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कंप्यूटर, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के दाम में...
Prayagraj News (सैय्यद आकिब रजा): मिडिल ईस्ट में जारी जंग का असर अब आम लोगों की जेब पर साफ दिखने लगा है। खासकर शिक्षा के नए सत्र की शुरुआत के साथ ही छात्रों और अभिभावकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कंप्यूटर, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के दाम में अचानक उछाल देखने को मिल रहा है। बाजार के जानकारों और दुकानदारों का कहना है कि अगर मिडिल ईस्ट में हालात ऐसे ही बने रहे, तो आने वाले दिनों में कीमतें और बढ़ सकती हैं।
प्रयागराज के बाजारों में इन दिनों अभिभावक बच्चों के लिए जरूरी सामान खरीदने पहुंच रहे हैं, लेकिन बढ़ती कीमतों ने उनका बजट बिगाड़ दिया है। पहले जहां एक सामान्य लैपटॉप आसानी से बजट में आ जाता था, अब उसी के लिए ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। दुकानदार मोहम्मद वाजिद के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सप्लाई चेन प्रभावित हो रही है और आयात महंगा हो गया है, जिसका सीधा असर इलेक्ट्रॉनिक सामानों की कीमतों पर पड़ रहा है। इसका सबसे ज्यादा असर छात्रों पर पड़ रहा है, क्योंकि पढ़ाई के लिए जरूरी डिजिटल उपकरण अब उनकी पहुंच से दूर होते जा रहे हैं।

प्रयागराज के बाजारों में इन दिनों नया लैपटॉप या कंप्यूटर खरीदने पहुंच रहे लोग खाली हाथ लौटने को मजबूर हैं। बाजार के जानकारों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे माल की कमी और माल ढुलाई (Shipping) महंगी होने के कारण ये हालात बने हैं। स्थानीय दुकानदार मोहम्मद वाजिद बताते हैं कि युद्ध के कारण सप्लाई चैन (Supply Chain) बुरी तरह प्रभावित हुई है। विदेशों से आने वाले इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स अब काफी ऊंचे दामों पर मिल रहे हैं। जो लैपटॉप पहले आसानी से 30 से 35 हजार रुपए में मिल जाता था, अब उसकी कीमत में 5 से 10 हजार रुपए तक की बढ़ोतरी देखी जा रही है।
ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या सरकार इस बढ़ती महंगाई पर लगाम लगा पाएगी, या फिर जंग की आंच यूं ही आम जनता की जेब जलाती रहेगी?