पिता हो तो ऐसा! बेटे को निगलने की कोशिश कर रहा था मगरमच्छ, निहत्थे पिता ने यूं चटाई धूल

Edited By Anil Kapoor,Updated: 04 Apr, 2026 09:13 AM

a father fought a crocodile to save his 14 year old son in pilibhit

Pilibhit News: कहते हैं कि पिता की गोद बच्चे के लिए दुनिया की सबसे सुरक्षित जगह होती है, और यूपी के पीलीभीत में एक पिता ने इसे सच कर दिखाया। जहां के जहानाबाद क्षेत्र में एक पिता ने अपनी जान की परवाह किए बिना विशालकाय मगरमच्छ से सीधा मुकाबला किया...

Pilibhit News: कहते हैं कि पिता की गोद बच्चे के लिए दुनिया की सबसे सुरक्षित जगह होती है, और यूपी के पीलीभीत में एक पिता ने इसे सच कर दिखाया। जहां के जहानाबाद क्षेत्र में एक पिता ने अपनी जान की परवाह किए बिना विशालकाय मगरमच्छ से सीधा मुकाबला किया और अपने बेटे को मौत के मुंह से छीन लाया।

खेत पर काम करते समय हुआ हमला
मिली जानकारी के मुताबिक, घटना नगरिया सहगवां गांव की है। गांव के रहने वाले प्रेम शंकर अपने 14 वर्षीय बेटे मोहित कुमार के साथ नदी के पास स्थित अपने खेत पर गेहूं की कटाई करने गए थे। काम के दौरान मोहित नदी के किनारे की तरफ चला गया, जहां घात लगाए बैठे एक खूंखार मगरमच्छ ने अचानक उस पर हमला कर दिया।

बेटे को मौत के मुंह से खींच लाया पिता
इससे पहले कि मोहित कुछ समझ पाता, मगरमच्छ ने उसे अपने मजबूत जबड़ों में जकड़ लिया और गहरे पानी की ओर घसीटने लगा। मोहित की चीख सुनते ही प्रेम शंकर के हाथ-पैर नहीं फूले, बल्कि वह बिजली की रफ्तार से नदी की ओर दौड़े। प्रेम शंकर के पास कोई हथियार नहीं था, लेकिन बेटे को बचाने का जुनून इतना था कि वह सीधे मगरमच्छ से भिड़ गए। कुछ मिनटों तक पानी के किनारे पिता और मगरमच्छ के बीच जिंदगी और मौत की जंग चलती रही। आखिरकार, पिता के हौसले के आगे मगरमच्छ को हार माननी पड़ी और उसने बच्चे को छोड़ दिया।

अस्पताल में चल रहा है इलाज
प्रेम शंकर तुरंत लहूलुहान मोहित को लेकर पीलीभीत जिला अस्पताल पहुंचे। इमरजेंसी वार्ड के डॉक्टर गौरव गंगवार ने बताया कि बच्चे को गंभीर चोटें आई हैं, लेकिन समय पर इलाज मिलने के कारण उसकी हालत अब खतरे से बाहर है। फिलहाल उसे डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है।

गांव में दहशत और वन विभाग की कार्रवाई
घटना की जानकारी मिलते ही रेंजर कौशेंद्र के नेतृत्व में वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। इस हादसे के बाद ग्रामीणों में भारी डर और गुस्सा है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी के पास खेतों में जाना अब जान जोखिम में डालने जैसा हो गया है। लोगों ने वन विभाग से मांग की है कि इस आदमखोर मगरमच्छ को पकड़कर कहीं और शिफ्ट किया जाए। वन विभाग ने लोगों को चेतावनी दी है कि वे नदी और तालाबों के किनारे अकेले न जाएं और पूरी सावधानी बरतें।

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