Edited By Anil Kapoor,Updated: 04 Apr, 2026 03:38 PM

Saharanpur News: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के गंगोह से एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसे देखकर किसी का भी कलेजा कांप जाए। जहां एक मदरसे में महज 10 साल के बच्चे को जानवरों की तरह पीटा गया। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस...
Saharanpur News: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के गंगोह से एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसे देखकर किसी का भी कलेजा कांप जाए। जहां एक मदरसे में महज 10 साल के बच्चे को जानवरों की तरह पीटा गया। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपी मौलानाओं को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।
1 मिनट 49 सेकेंड का खौफनाक मंजर
वायरल वीडियो मदरसा दारुल उलूम जकरिया का बताया जा रहा है। वीडियो में दिख रही क्रूरता किसी भी सभ्य समाज के लिए कलंक है। एक मौलाना ने बच्चे को उल्टा करके उसके पैर पकड़े हुए हैं, ताकि वह भाग न सके। दूसरा मौलाना बेरहमी से बच्चे पर लाठियां बरसा रहा है। गिनती के मुताबिक, मासूम को करीब 36 डंडे मारे गए। बच्चा दर्द से तड़पता रहा, चीखता रहा और छोड़ देने की गुहार लगाता रहा, लेकिन पत्थर दिल आरोपियों को उस पर जरा भी तरस नहीं आया। तीसरा व्यक्ति इस पूरी हैवानियत का वीडियो बनाता रहा।
डेढ़ साल पुराना है वीडियो, अब हुआ वायरल
हैरानी की बात यह है कि यह घटना करीब डेढ़ साल पुरानी है, लेकिन 3 अप्रैल को जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर आया, पूरे इलाके में गुस्से की लहर दौड़ गई। खानपुर गुर्जर गांव के कारी साजिद हसन ने इस मामले में हिम्मत दिखाई और थाना गंगोह में तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
मदरसा छोड़कर भागने की मिली सजा
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने जो वजह बताई, वह और भी चौंकाने वाली है। गिरफ्तार आरोपी जुनैद और शोएब ने कबूल किया कि बच्चा मदरसा छोड़कर भाग गया था, जिसे 'सबक' सिखाने के लिए उन्होंने इस तालिबानी सजा का सहारा लिया।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
गंगोह के क्षेत्राधिकारी (CO) अशोक कुमार सिसोदिया ने बताया कि मामला संज्ञान में आते ही पुलिस ने तुरंत केस दर्ज किया।वीडियो के आधार पर जुनैद और शोएब की पहचान की गई। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके खिलाफ गंभीर धाराओं में कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अब यह भी पता लगा रही है कि क्या इस मदरसे में अन्य बच्चों के साथ भी ऐसा व्यवहार किया जाता था।