आतंक के नेटवर्क पर बड़ा प्रहार: UP में रेलवे सिग्नल उड़ाने और शोरूम जलाने की थी तैयारी, मास्टरमाइंड गिरफ्तार

Edited By Anil Kapoor,Updated: 05 Apr, 2026 07:12 AM

there were plans to burn railway signals and showrooms mastermind arrested

Kushinagar News: देश की सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकवाद के खिलाफ एक बड़ा और संयुक्त ऑपरेशन चलाकर आतंकियों के खतरनाक मंसूबों को मिट्टी में मिला दिया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और यूपी एटीएस (ATS) ने मिलकर उत्तर प्रदेश के कुशीनगर और...

Kushinagar News: देश की सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकवाद के खिलाफ एक बड़ा और संयुक्त ऑपरेशन चलाकर आतंकियों के खतरनाक मंसूबों को मिट्टी में मिला दिया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और यूपी एटीएस (ATS) ने मिलकर उत्तर प्रदेश के कुशीनगर और राजधानी लखनऊ में बड़ी कार्रवाई की है।

कुशीनगर से पकड़ा गया बम मास्टर रिजवान
एजेंसियों ने कुशीनगर से रिजवान अहमद नाम के एक संदिग्ध आतंकी को दबोचा है, जो साल 2015 से अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन ISIS के संपर्क में था। रिजवान के पास से बम बनाने की सामग्री, जेहादी साहित्य और कई आपत्तिजनक दस्तावेज मिले हैं। वह सोशल मीडिया के जरिए युवाओं का ब्रेनवॉश करता था और उन्हें आतंकी संगठन में भर्ती होने के लिए उकसाता था। रिजवान कोई नया खिलाड़ी नहीं है; वह पहले भी मुंबई की आर्थर रोड जेल में बंद रह चुका है। फिलहाल पुलिस उसे ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली ले जा रही है।

लखनऊ में रेलवे स्टेशन को उड़ाने की थी तैयारी
दूसरी तरफ, लखनऊ में सुरक्षा एजेंसियों ने ISI से जुड़े 4 संदिग्धों को गिरफ्तार कर एक बड़े रेल हादसे की साजिश को नाकाम कर दिया है। कोर्ट ने इन चारों को 5 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। जांच में पता चला है कि ये आरोपी लखनऊ रेलवे स्टेशन के आसपास सिग्नल सिस्टम को तबाह करने की योजना बना रहे थे ताकि ट्रेनें आपस में टकरा जाएं या बड़ा हादसा हो। इन्होंने लखनऊ, मेरठ और गाजियाबाद के कई बड़े शोरूम और गैस सिलेंडर से भरे ट्रकों की रेकी की थी और उनकी तस्वीरें पाकिस्तान भेजी थीं।

मेरठ का डेविल निकला मास्टरमाइंड
इस पूरे गैंग का मुख्य चेहरा मेरठ का रहने वाला साकिब उर्फ डेविल है। साकिब सीधे पाकिस्तान में बैठे आईएसआई (ISI) हैंडलर्स के संपर्क में था। पाकिस्तान से ही उसे फंड (पैसा) मिल रहा था, जिसे वह अन्य साथियों तक पहुंचाता था।

आगे की कार्रवाई
सुरक्षा एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही हैं। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इनके साथ और कितने लोग जुड़े हैं और देश के किन-किन शहरों में इन्होंने अपने स्लीपर सेल बना रखे हैं। आने वाले दिनों में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां होने की संभावना है।

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