Magh Mela 2026: मकर संक्रांति पर उमडा जनसैलाब, 1.03 करोड़ भक्तों ने लगाई आस्था की डुबकी

Edited By Pooja Gill,Updated: 16 Jan, 2026 10:13 AM

magh mela 2026 crowds gathered on makar sankranti 1 03 crore

Magh Mela 2026: मकर संक्रांति के अवसर पर प्रदेश की विभिन्न धार्मिक शहरों में करोड़ों श्रद्धालुओं ने नदियों में आस्था की डुबकी लगाई। प्रयागराज में जारी माघ मेले में...

Magh Mela 2026: मकर संक्रांति के अवसर पर प्रदेश की विभिन्न धार्मिक शहरों में करोड़ों श्रद्धालुओं ने नदियों में आस्था की डुबकी लगाई। प्रयागराज में जारी माघ मेले में बृहस्पतिवार को मकर संक्रांति पर्व के अवसर पर शाम तक एक करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में स्नान किया। मेला प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि बुधवार रात 12 बजे से ही स्नान शुरू हो गया था। पूरे दिन मकर संक्रांति का मुहूर्त रहने के कारण शाम तक करीब 1.03 करोड़ भक्तों ने गंगा और संगम में डुबकी लगाई। उन्होंने बताया कि बुधवार को एकादशी के अवसर पर लगभग 85 लाख श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में स्नान किया था। 

बुधवार से ही उमड़ने लगी थी भीड़ 
मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने बताया कि श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन के लिए उपलब्ध कराई गई ‘बाइक टैक्सी' सेवा का भी व्यापक उपयोग हुआ। उन्होंने कहा कि बृहस्पतिवार को लगभग 11,500 से अधिक श्रद्धालुओं ने ‘बाइक टैक्सी' सेवा का लाभ लिया, जबकि अब तक माघ मेले में कुल 1,38,500 से अधिक लोग इस सेवा का उपयोग कर चुके हैं। पुलिस अधीक्षक (माघ मेला) नीरज पांडेय ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम आवागमन के लिए पूरे मेला क्षेत्र में 10,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात हैं। वाराणसी में, मकर संक्रांति के पावन पर्व पर श्रद्धालुओं की भीड़ बुधवार रात से ही घाटों पर उमड़ने लगी थी। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने काशी विश्वनाथ मंदिर में बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए। 

इन मंदिरों में भी की पूजा अर्चना 
मकर संक्रांति के अवसर पर बृहस्पतिवार को बाबा विश्वनाथ धाम में विशेष मध्याह्न भोग आरती का आयोजन किया गया। मंदिर प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि बाबा को मध्याह्न भोग में खिचड़ी, चिवड़ा, मूंगफली की पट्टी और पापड़ अर्पित किए गए। भोग अर्पण के बाद मंत्रोच्चार के बीच आरती की गई, जिससे मंदिर परिसर भक्ति और आस्था के वातावरण से सराबोर हो गया। उन्होंने बताया कि मकर संक्रांति पर गंगा पूजन के बाद श्रद्धालुओं के लिए दर्शन-पूजन की समुचित व्यवस्थाएं की गई थीं, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण और व्यवस्थित रूप से संपन्न हुआ। अयोध्या में, सुबह से ही श्रद्धालु सरयू नदी में आस्था की डुबकी लगाते नजर आए। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने हनुमानगढ़ी और राम मंदिर में पूजा-अर्चना की। 

मौनी अमावस्या, वसंत पंचमी को भी भारी भीड़ उमड़ने की संभावना 
कई श्रद्धालु अयोध्या में स्नान और दर्शन के बाद प्रयागराज माघ मेले के लिए भी रवाना हुए। राम मंदिर सहित शहर के सभी प्रमुख मंदिरों में मकर संक्रांति के अवसर पर पारंपरिक श्रद्धा के साथ खिचड़ी उत्सव मनाया गया। अधिकारियों के अनुसार, मकर संक्रांति के मौके पर अयोध्या में लगभग पांच लाख श्रद्धालु पहुंचे। प्रयागराज माघ मेले में मकर संक्रांति के साथ-साथ मौनी अमावस्या, वसंत पंचमी और माघी पूर्णिमा पर भी भारी भीड़ उमड़ने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने अयोध्या में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। अधिकारियों ने बताया कि शहर में प्रवेश के सभी प्रमुख मार्गों पर ‘होल्डिंग एरिया' बनाए गए हैं, जहां भीड़ के अनुसार यात्रियों को रोका जा रहा है और फिर सुविधानुसार आगे भेजा जा रहा है। 

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