‘कैसे बन गए शंकराचार्य… ' अविमुक्तेश्वरानंद को माघ मेला प्राधिकरण का नोटिस, 24 घंटे में मांगा जवाब

Edited By Pooja Gill,Updated: 20 Jan, 2026 01:06 PM

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प्रयागराज: माघ मेला में मौनी अमावस्या के स्नान पर्व के दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की शोभायात्रा रोके जाने के बाद विवाद और गहरा गया है। अब माघ मेला प्राधिकरण ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद...

प्रयागराज: माघ मेला में मौनी अमावस्या के स्नान पर्व के दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की शोभायात्रा रोके जाने के बाद विवाद और गहरा गया है। अब माघ मेला प्राधिकरण ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को नोटिस भेजा है। इसमें उनसे पूछा गया है कि सुप्रीम कोर्ट की रोक के बावजूद उन्होंने अपने नाम के आगे ‘शंकराचार्य’ क्यों लिखा है। प्राधिकरण ने 24 घंटे में इसका जवाब मांगा है। 

प्राधिकरण ने नोटिस में क्या कहा? 
मेला प्राधिकरण ने नोटिस में बताया कि इस मामले से जुड़ी एक सिविल अपील सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है और अभी तक कोई अंतिम आदेश नहीं आया है। ऐसे में फिलहाल कोई भी धर्माचार्य खुद को ज्योतिष्पीठ का शंकराचार्य नहीं कह सकता। इसके बावजूद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने मेला क्षेत्र में अपने शिविर के बोर्ड पर अपने नाम के आगे ‘शंकराचार्य’ लिखा हुआ है।

24 घंटे में सुधार का निर्देश
प्राधिकरण ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को 24 घंटे के भीतर बोर्ड में सुधार करने और यह बताने को कहा है कि उन्होंने ऐसा क्यों किया।

गौरतलब है कि मौनी अमावस्या के दिन संगम में शोभायात्रा के साथ स्नान करने जा रहे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को पुलिस ने रोक दिया था। इससे नाराज होकर उन्होंने मेला प्रशासन के खिलाफ धरना शुरू कर दिया। उनका आरोप है कि पुलिस ने उनके साथ और उनके शिष्यों के साथ अभद्रता की। इस मामले पर सोमवार को स्वामी ने मीडिया से बात की, वहीं पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने भी अपनी सफाई दी।
 

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