Edited By Anil Kapoor,Updated: 25 Feb, 2026 01:04 PM

Prayagraj News: संगम नगरी प्रयागराज से शुरू हुआ यौन शोषण विवाद अब एक ऐसी कानूनी और राजनीतिक जंग बन चुका है, जिसने पूरे देश के संत समाज को हिला दिया है। एडीजे पॉक्सो कोर्ट के आदेश पर दर्ज एफआईआर के बाद, मुख्य वादी आशुतोष ब्रह्मचारी ने स्वामी...
Prayagraj News: संगम नगरी प्रयागराज से शुरू हुआ यौन शोषण विवाद अब एक ऐसी कानूनी और राजनीतिक जंग बन चुका है, जिसने पूरे देश के संत समाज को हिला दिया है। एडीजे पॉक्सो कोर्ट के आदेश पर दर्ज एफआईआर के बाद, मुख्य वादी आशुतोष ब्रह्मचारी ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और मुकुंदानंद के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए दावा किया है कि उनके पास ऐसे 'ब्रह्मास्त्र' सबूत हैं, जो दोनों को सलाखों के पीछे पहुंचा कर ही दम लेंगे।
'फोटो असली नहीं, AI की जादुई चाल है'
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद द्वारा जारी की गई उस फोटो पर, जिसमें आशुतोष एक पुलिस अधिकारी के साथ केक काटते दिख रहे हैं, आशुतोष ने सनसनीखेज सफाई दी है। उन्होंने कहा कि वह तस्वीर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) द्वारा बनाई गई एक फर्जी साजिश है। आशुतोष का आरोप है कि जांच भटकाने के लिए उनकी छवि खराब की जा रही है।
अपराधी होने के दावों पर खुली चुनौती
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने आशुतोष को 21 से 27 मुकदमों वाला 'हिस्ट्रीशीटर' बताया था। इस पर आशुतोष ने पलटवार करते हुए कहा कि स्वामी जी कोई भी ऐसा अदालती कागज दिखा दें जो मुझे अपराधी साबित करे। आशुतोष का दावा है कि वायरल की गई मुकदमों की लिस्ट पूरी तरह फर्जी है और पुलिस रिकॉर्ड में ऐसा कुछ नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे खुद पीड़ित नहीं हैं, बल्कि उन मासूम बटुकों (बच्चों) के सूचनाकर्ता हैं जिनके साथ अन्याय हुआ है।
अखिलेश यादव पर निशाना और कालनेमी का जिक्र
राजनीति के गलियारों में हलचल पैदा करते हुए आशुतोष ने सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा। उन्होंने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की तुलना रामायण के छद्मवेषी पात्र कालनेमी से कर दी। आरोप लगाया कि स्वामी एक डिप्टी सीएम के इशारे पर राजनीति कर रहे हैं, जिसकी जांच के लिए डीजीपी को पत्र लिखा गया है।
सनातन न्याय यात्रा का ऐलान
स्वामी की असलियत जनता तक पहुंचाने के लिए आशुतोष ने जल्द ही 'सनातन न्याय यात्रा' निकालने की घोषणा की है। उनका कहना है कि गवाहों को डराया जा रहा है, लेकिन वे पीछे नहीं हटेंगे।
कोर्ट में 104 पन्नों का धर्मसंकट
बीते शुक्रवार को कोर्ट में यह जंग और तेज हो गई। स्वामी मुकुंदानंद के वकीलों ने 104 पन्नों का हलफनामा (Affidavit) पेश किया, जिसमें आशुतोष पर पीड़ितों की पहचान उजागर करने का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है। वहीं, आशुतोष ने कोर्ट से मोहलत मांगते हुए कहा कि वे 'इन पर्सन' (खुद) अपनी दलीलें पेश करेंगे। वहीं मामले की अगली बड़ी तारीख 13 मार्च तय की गई है, जिस पर पूरे देश की नजरें टिकी हैं।