Edited By Anil Kapoor,Updated: 30 Nov, 2025 08:21 AM

Hamirpur News: उत्तर प्रदेश में हमीरपुर जिले के मौदहा क्षेत्र में 8 वर्षीय बच्ची की दिल दहला देने वाली हत्या और दुष्कर्म के 4 साल पुराने मामले में आखिरकार न्याय मिला है। विशेष पॉक्सो कोर्ट की न्यायाधीश कीर्ति माला सिंह ने आरोपी संतोष कोरी (पुत्र...
Hamirpur News: उत्तर प्रदेश में हमीरपुर जिले के मौदहा क्षेत्र में 8 वर्षीय बच्ची की दिल दहला देने वाली हत्या और दुष्कर्म के 4 साल पुराने मामले में आखिरकार न्याय मिला है। विशेष पॉक्सो कोर्ट की न्यायाधीश कीर्ति माला सिंह ने आरोपी संतोष कोरी (पुत्र राजाराम कोरी) को दोहरी आजीवन कारावास और 66 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। इसमें से 80% रकम पीड़िता के परिवार को दी जाएगी। कोर्ट ने इस अपराध को 'दुर्लभ से दुर्लभतम' श्रेणी का मानते हुए कहा कि दोषी जीवन की आखिरी सांस तक जेल में ही रहेगा और उसे किसी भी तरह की रिहाई या पैरोल नहीं मिलेगी।
25 जून 2020 की दर्दनाक रात: मां की नींद खुली, तो बेटी गायब
मौदहा कस्बे में सड़क किनारे झोपड़ी में रहने वाली एक गरीब मां अपनी 8 साल की बेटी के साथ चारपाई पर सो रही थी। रात करीब 2:30 बजे उसकी आंख खुली तो उसने देखा कि बच्ची चादर समेत गायब है। घबराई हुई मां रोती-बिलखती पूरे मोहल्ले में बच्ची को ढूंढती रही, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। सुबह होते ही उसने थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
सुबह सामने आया रोंगटे खड़े कर देने वाला सच
सुबह होते-होते रागौल मुहाल के लोगों को संतोष कोरी के घर से मांस जलने की तेज बदबू आने लगी। लोगों ने तुरंत पुलिस को खबर दी। पुलिस ने घर का दरवाजा तोड़ा तो अंदर का नजारा देखकर हर कोई दंग रह गया—चूल्हे पर बच्ची के शव के टुकड़े जलाए जा रहे थे।
आरोपी ने किया सब कुछ कबूल
पूछताछ में आरोपी संतोष कोरी ने अपना अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि रात में बच्ची को चादर सहित उठा ले गया, घर ले जाकर दुष्कर्म किया फिर गला दबाकर हत्या कर दी। सबूत मिटाने के लिए शव के टुकड़े चूल्हे में जलाने लगा।
पुलिस को मिले कई पक्के सबूत
मौके से बरामद हुआ खून से सना चाकू, तवा, बच्ची के दांत का टुकड़ा, हड्डियों के अवशेष, आरोपी के कपड़ों पर सीमन के धब्बे, उसके नाखूनों में खून के निशान, DNA रिपोर्ट ने भी इन सभी सुबूतों की पुष्टि कर दी।
कोर्ट ने दी कठोरतम सजा
विशेष लोक अभियोजक रुद्र प्रताप सिंह के अनुसार, कोर्ट ने आरोपी को निम्न धाराओं में दोषी पाया—IPC 363 (अपहरण), IPC 366 (अवैध उद्देश्यों से ले जाना), IPC 376AB (नाबालिग से दुष्कर्म), IPC 302 (हत्या), IPC 201 (सबूत नष्ट करना)।
पॉक्सो एक्ट की संबंधित धाराएं
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि दोनों आजीवन कारावास की सजा साथ-साथ चलेंगी, दोषी को कभी भी रिहाई या पैरोल नहीं मिलेगी। कोर्ट ने कहा कि समाज की सुरक्षा और न्याय के भरोसे के लिए यह सजा आवश्यक है।