Edited By Pooja Gill,Updated: 02 Mar, 2026 03:30 PM

सहारनपुर: सहारनपुर जिले के मिर्जापुर क्षेत्र में सोमवार को कथित तौर पर समय से पहले होलिका दहन कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है...
सहारनपुर: सहारनपुर जिले के मिर्जापुर क्षेत्र में सोमवार को कथित तौर पर समय से पहले होलिका दहन कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस क्षेत्राधिकारी एस.एन. वैभव पांडेय ने बताया कि अलीपुर नौगवां गांव में मन्नतराम के 28 वर्षीय बेटे पाला ने होलिका दहन स्थल पर पहुंचकर वहां लकड़ियों के ढेर में आग लगा दी।
पुलिस ने बताया कि मौके पर मौजूद होलिका दहन समिति के सदस्यों ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। पांडेय ने बताया कि अभियुक्त के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।
कब है होलिका दहन?
होली महापर्व की तिथि को लेकर प्रचलित भ्रम की स्थिति के बीच संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के ज्योतिषाचार्यों ने शास्त्रीय आधार पर अधिकृत निर्णय जारी किया है। विश्वविद्यालय के अनुसार, फाल्गुन पूर्णिमा तिथि 2 मार्च 2026 को सायं 5:56 बजे से प्रारंभ होकर 3 मार्च को सायं 5:08 बजे तक रहेगी। 3 मार्च को सूर्योदय पूर्णिमा तिथि में ही होगा। शास्त्रों में फाल्गुनी पूर्णिमा पर भद्रा काल में होलिका दहन वर्जित बताया गया है। ‘निर्णयसिन्धु' एवं ‘धर्मसिन्धु' के अनुसार भद्रा के मुख भाग का त्याग कर निशीथोत्तर, अर्थात भद्रा पुच्छ काल में दहन करना श्रेयस्कर है।
जानें शुभ मुहूर्त (Holi Subh muhrat)
स्थानीय पंचांग एवं शास्त्रीय गणना के आधार पर होलिका पूजन एवं दहन तीन मार्च (मंगलवार) को प्रात: 3:24 से 5:33 बजे तक (भद्रा पुच्छ एवं निशीथोत्तर काल) करना शास्त्रसम्मत माना गया है। उल्लेखनीय है कि 3 मार्च को सायंकाल चंद्रग्रहण होने के कारण प्रात: 9 बजे से सूतक प्रारंभ हो जाएगा। ग्रहण के दिन सायंकालीन उत्सव अथवा दहन शास्त्रानुकूल नहीं माना जाता। अत: होलिका भस्म धारण एवं धूलिवंदन (होली का मुख्य उत्सव) 4 मार्च 2026 (बुधवार) को प्रतिपदा तिथि में मनाना उचित होगा।