गोरखपुर में फर्जी IAS दूल्हा गिरफ्तार, 'मैट्रिमोनियल साइड' से युवतियों पर डालता था डोरे

Edited By Ramkesh,Updated: 25 Mar, 2026 01:21 PM

fake ias groom arrested in gorakhpur for allegedly wooing young women on the pre

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में खुद को भारतीय प्रशासनिक अधिकारी (आईएएस) बताकर एक युवती से शादी कर दहेज में मिले 15 लाख रुपये ऐंठ कर फरार होने वाले आरोपी व्यक्ति को पुलिस ने धर दबोचा। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान...

गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में खुद को भारतीय प्रशासनिक अधिकारी (आईएएस) बताकर एक युवती से शादी कर दहेज में मिले 15 लाख रुपये ऐंठ कर फरार होने वाले आरोपी व्यक्ति को पुलिस ने धर दबोचा। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान इटावा जिले के निवासी प्रीतम निषाद उर्फ ​​अर्जुन सिंह (30) के रूप में हुई है।

'मैट्रिमोनियल' साइड पर आईएएस अधिकारी बता कर शादी का देता था झांसा 
पुलिस ने दर्ज शिकायत के हवाले से बताया कि इटावा के रहने वाले प्रीतम कुमार निषाद ने एक 'मैट्रिमोनियल ग्रुप' पर अपनी पहचान आईएएस अधिकारी के तौर पर बतायी थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि गोरखपुर निवासी एक परिवार ने अपनी बेटी की शादी के लिये रिश्ता भेजा था और इसी महीने 11 मार्च को नंदनगर के एक बारात घर में उनकी शादी हुई थी। पुलिस ने शिकायत के हवाले से बताया कि आरोप है कि निषाद ने वधु पक्ष को विश्वास में लेने के लिये अपने साक्षात्कार की कथित वीडियो क्लिप, कार्यालय के वीडियो और कुछ राजनेताओं के साथ अपनी तस्वीरें साझा की थीं।

शादी के बाद आरोपी की खुली पोल 
पुलिस के मुताबिक, निषाद ने पहले तो बिना दहेज के शादी करने की बात कही थी लेकिन सगाई से कुछ ही दिन पहले उसने वधु पक्ष से 15 लाख रुपये की मांग की, जिस पर उसे सगाई के दिन 10 लाख और शादी के दिन पांच लाख रुपये दिये गये। पुलिस ने बताया कि धोखाधड़ी तब सामने आई जब दुल्हन इटावा पहुंची और शक तब हुआ जब शादी में आए एक मेहमान ने वधु के परिवार को बताया कि निषाद कोई सरकारी अधिकारी नहीं है। 

पीड़िता का आरोप गोवा में बेचने की थी तैयारी 
पुलिस के मुताबिक, जब दुल्हन के रिश्तेदार उसके बताए पते पर पहुंचे, तो उन्हें वहां एक किराए का कमरा मिला। पुलिस ने बताया कि आरोपी निषाद और उसकी बहन फरार हो चुके थे। पुलिस के मुताबिक, दुल्हन ने आरोप लगाया कि निषाद ने उसे गोवा ले जाकर कथित तौर पर बेचने की साजिश रची थी और उसके साथ गलत व्यवहार भी किया था। अपर पुलिस अधीक्षक( नगर क्षेत्र) निमिष पाटिल ने बताया कि मंगलवार को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।

आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया 
उन्होंने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने खुलासा किया कि उसने कभी संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा नहीं दी थी लेकिन उसका मकसद अधिकारी बनकर धन कमाना और सम्मान पाना था। पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 319(2) (पहचान बदलकर धोखा देना), 318(4) (धोखा देना), 204 (सरकारी कर्मचारी होने का नाटक करना), 338 (कीमती दस्तावेज, वसीयत आदि की जालसाज़ी), 336(3) (जालसाजी) और 340(2) (जाली दस्तावेज या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड बनाना और उसे असली की तरह इस्तेमाल करना) के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है। 
 

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