Edited By Anil Kapoor,Updated: 23 Mar, 2026 09:31 AM

Ballia News: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से चिकित्सा जगत को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। जहां एक निजी अस्पताल में डॉक्टरों की कथित लापरवाही ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां छीन लीं। सुखपुरा थाना क्षेत्र की रहने वाली एक महिला की ऑपरेशन के...
Ballia News: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से चिकित्सा जगत को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। जहां एक निजी अस्पताल में डॉक्टरों की कथित लापरवाही ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां छीन लीं। सुखपुरा थाना क्षेत्र की रहने वाली एक महिला की ऑपरेशन के दौरान मौत हो गई, जिसके बाद अस्पताल परिसर रणक्षेत्र में तब्दील हो गया।
महज 2mm की पथरी और लेजर ऑपरेशन का झांसा
मिली जानकारी के मुताबिक, देवकली गांव की निवासी अनीशा पांडे को पेट में पथरी (Stone) की शिकायत थी। परिजनों ने उन्हें इलाज के लिए शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि पथरी मात्र 2mm की है और लेजर तकनीक से इसका सुरक्षित ऑपरेशन हो जाएगा। डॉक्टरों के भरोसे पर आकर परिवार ऑपरेशन के लिए तैयार हो गया।
ऑपरेशन टेबल पर क्या हुआ?
परिजनों का आरोप है कि जैसे ही डॉक्टर ने ऑपरेशन शुरू किया, अनीशा की हालत बिगड़ने लगी और देखते ही देखते उनकी मौत हो गई। गंभीर आरोप यह है कि अस्पताल प्रबंधन ने महिला की मौत की बात छिपाए रखी। जब स्थिति बेकाबू होने लगी, तो डॉक्टरों ने पल्ला झाड़ते हुए परिजनों से कहा कि हालत गंभीर है, इन्हें तुरंत गुड़गांव के मेदांता अस्पताल ले जाइए।परिजनों का दावा है कि अनीशा की मौत अस्पताल में ही हो चुकी थी, लेकिन अपनी गलती छिपाने के लिए उन्हें गुमराह किया गया।
अस्पताल में भारी हंगामा, पुलिस को करना पड़ा बल प्रयोग
मौत की खबर फैलते ही अनीशा के परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। अस्पताल में जमकर तोड़फोड़ और हंगामा हुआ। आक्रोशित भीड़ और पुलिस के बीच तीखी झड़प और हाथापाई भी हुई। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। भारी पुलिस बल की तैनाती के बाद मामले को शांत कराया गया।
प्रशासन का पक्ष: होगी सख्त जांच
घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने बताया कि महिला को पथरी के इलाज के लिए लाया गया था और ऑपरेशन के दौरान उसकी मृत्यु हुई है। प्रशासन ने परिजनों को आश्वासन दिया है कि पीड़ित पक्ष की ओर से जो भी तहरीर (शिकायत) मिलेगी, उसके आधार पर मामले की गहन जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।